शिक्षा के साथ कला का संगम, बेसिक शिक्षकों की रंगोली ने मोहा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का मन

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रिंटू वर्मा…

पीलीभीत। हम बेसिक के शिक्षक हैं—पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के सपनों को आकार देना भी हमारा दायित्व है। कभी किताबों के जरिए ज्ञान बांटते हैं तो कभी अपनी कला, रचनात्मकता और मेहनत से विद्यालय को नई पहचान देने का प्रयास करते हैं। हमारे लिए शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर प्रतिभा, संस्कार, आत्मविश्वास और रचनात्मकता को जगाने का माध्यम है। इसी सोच की खूबसूरत तस्वीर बुधवार को पीलीभीत के गांधी स्टेडियम में देखने को मिली।

सेवा संकल्प अभियान में शिक्षकों ने रंगों से उकेरी रचनात्मकता

सेवा संकल्प अभियान के तहत बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने गांधी स्टेडियम में विशाल एवं मनमोहक रंगोली तैयार कर अपनी कला और रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। रंग-बिरंगे रंगों से सजी इस भव्य रंगोली को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। रंगोली इतनी आकर्षक थी कि वहां पहुंचने वाले जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक कुछ पल ठहरकर इसे निहारते नजर आए।

किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में रंगोली के खूबसूरत दृश्य को कैद किया तो किसी ने इसके सामने खड़े होकर सेल्फी लेकर इस यादगार पल को संजोया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई शिक्षकों की मेहनत और कला की प्रशंसा करता दिखाई दिया।

बांसुरी से लेकर भारत के नक्शे तक, रंगों में दिखी पीलीभीत की पहचान

इस भव्य रंगोली में शिक्षकों ने पीलीभीत की पहचान बन चुकी बांसुरी, भारत का नक्शा, सर्व शिक्षा अभियान, मीना मंच, सेवा संकल्प अभियान, नारी सशक्तिकरण सहित विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक संदेशों को रंगों के माध्यम से बेहद खूबसूरती से उकेरा। प्रत्येक कलाकृति अपने आप में एक संदेश देती नजर आई।

रंगों और आकृतियों के शानदार संयोजन ने रंगोली को इतना जीवंत बना दिया कि देखने वाले सहज ही इसकी ओर आकर्षित हो गए। शिक्षा, संस्कृति, राष्ट्रप्रेम, महिला सशक्तिकरण और बच्चों की प्रतिभा जैसे विषयों को एक ही स्थान पर खूबसूरती से प्रस्तुत करना शिक्षकों की रचनात्मक सोच का परिचय देता नजर आया।

कई दिनों की मेहनत के बाद तैयार हुई रंगों की यह खूबसूरत कहानी

इस रंगोली को तैयार करने में शिक्षकों ने कई दिनों तक कड़ी मेहनत की। रंगों का चयन, आकृतियों की रूपरेखा और हर बारीकी को अंतिम रूप देने में शिक्षकों ने पूरी लगन दिखाई। उनकी मेहनत का परिणाम गांधी स्टेडियम में पहुंचने वाले लोगों की तारीफ के रूप में सामने आया।

रंगोली को देखने पहुंचे लोगों ने शिक्षकों की कला की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनमें कला, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने की क्षमता भी है। शिक्षकों ने अपनी प्रतिभा के जरिए यह साबित किया कि विद्यालयी शिक्षा के साथ रचनात्मक गतिविधियां भी बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

रंगोली के दोनों ओर सजे स्टॉलों ने बढ़ाई कार्यक्रम की खूबसूरती

गांधी स्टेडियम में रंगोली के दोनों ओर बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और बच्चों ने विभिन्न स्टॉल भी लगाए। इन स्टॉलों पर बच्चों और शिक्षकों की बनाई गई कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया। रंग-बिरंगी और आकर्षक कलाकृतियों को देखकर जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन भी बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते नजर आए।

इन स्टॉलों ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया। कहीं बच्चों की रचनात्मकता दिखाई दी तो कहीं शिक्षकों की मेहनत और मार्गदर्शन की झलक देखने को मिली। लोगों ने स्टॉलों पर प्रदर्शित कलाकृतियों को देखा और बच्चों का उत्साह बढ़ाया।

शिक्षकों की मेहनत बनी चर्चा का विषय

गांधी स्टेडियम में तैयार की गई यह भव्य रंगोली अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। जिस तरह से शिक्षकों ने शिक्षा से जुड़े संदेशों, सामाजिक सरोकारों और पीलीभीत की पहचान को रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया, उसकी हर ओर सराहना हो रही है।

यह आयोजन इस बात की खूबसूरत मिसाल बना कि शिक्षक केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित नहीं होते। वे अपनी प्रतिभा, मेहनत और रचनात्मक सोच के जरिए समाज में सकारात्मक संदेश देने और बच्चों को प्रेरित करने का काम भी करते हैं।

इन शिक्षकों की मेहनत से साकार हुई रंगों की यह खूबसूरत तस्वीर


इस भव्य एवं मनमोहक रंगोली को तैयार करने में नीरजा शुक्ला, सैय्यदा, डाली सिंह, अवंती गंगवार, शबाना बी, अंजली गंगवार, कृष्ण कुमार सागर, पूनम रावत, राजीव कुमार, रजनी जौहरी, निरंजना शर्मा, मीनाक्षी भारद्वाज, हंसमुखी, यशिका शर्मा, लाजवंती, आशा रानी, वंदना रानी, अजय कुमार, पारूल तोमर और मंजू सहित शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इन शिक्षकों की मेहनत, लगन और रचनात्मक सोच ने गांधी स्टेडियम में रंगों की ऐसी खूबसूरत तस्वीर साकार की, जिसे देखकर हर कोई उनकी तारीफ करता नजर आया। शिक्षकों ने यह संदेश भी दिया कि शिक्षा के साथ कला, संस्कार और रचनात्मकता का संगम ही बच्चों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव तैयार करता है।

 

“गांधी स्टेडियम में सजी यह भव्य रंगोली केवल रंगों की कलाकारी नहीं, बल्कि हमारे शिक्षकों की मेहनत, रचनात्मकता और समर्पण का खूबसूरत प्रतिबिंब है। रंगोली देखकर हर कोई शिक्षकों की प्रतिभा की सराहना कर रहा है। यह हमारे शिक्षकों के अथक परिश्रम का परिणाम है।”
— रोशनी सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, पीलीभीत


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