रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। मूल विद्यालय वापसी और लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू कराने की मांग को लेकर शिक्षामित्रों का आक्रोश सोमवार को सामने आ गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह कार्यालय परिसर में जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल वर्मा के नेतृत्व में शिक्षामित्र एकत्र हुए और धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को उठाया। वहीं, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राम सिंह राठौर ने भी मूल विद्यालय वापसी का आदेश जारी न होने पर नाराजगी जताते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आठ दिन का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में आदेश जारी नहीं हुआ तो बीएसए कार्यालय का घेराव किया जाएगा ।
धरने के दौरान जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल वर्मा ने कहा कि शिक्षामित्रों के स्थानांतरण का आदेश करीब एक वर्ष पहले जारी हो चुका था, लेकिन जिला स्तर पर अधिकारियों की ओर से टालमटोल किए जाने के कारण स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। इससे शिक्षामित्रों में रोष व्याप्त है। उन्होंने मांग की कि लंबित प्रक्रिया को शीघ्र शुरू कर शिक्षामित्रों को राहत दी जाए।
दूसरी ओर, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राम सिंह राठौर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 9 दिसंबर 2025 को शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी के संबंध में आदेश जारी किया था। उनके अनुसार, कई जिलों में शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि पीलीभीत में अब तक इस दिशा में कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से 14 मार्च 2026 को मूल विद्यालय वापसी की मांग को लेकर बीएसए को ज्ञापन दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इससे शिक्षामित्रों में नाराजगी बढ़ रही है।
राम सिंह राठौर ने कहा कि शिक्षामित्र अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं और मूल विद्यालय वापसी का आदेश जारी होने तक धरना जारी रखने के लिए तैयार हैं। उन्होंने पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर में मूल विद्यालय वापसी का आदेश जारी होने का हवाला देते हुए पीलीभीत में भी जल्द कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आठ दिन के भीतर शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी का आदेश जारी नहीं किया गया तो बीएसए कार्यालय का घेराव किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति अपनाई जाएगी।
धरना-प्रदर्शन में महेंद्र पाल वर्मा, संजीव कुशवाहा, रामवीर माथुर, शेर सिंह, सुमन कला, सोनीलता, अवधेश कुमार शर्मा, लक्ष्मी देवी, सुमन देवी, सब कुमार, संतोष देवी, रामप्रसाद और देवेश कुमार सहित अन्य शिक्षामित्र शामिल रहे।
शिक्षामित्रों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मामले में जल्द निर्णय लेकर मूल विद्यालय वापसी एवं लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।

