रिंटू वर्मा…..
पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं, छात्रावासों की व्यवस्थाओं और शैक्षणिक माहौल का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी आलोक कुमार और मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र ने बिठौरा कलां स्थित मेडिकल कॉलेज का भ्रमण किया। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों का निरीक्षण करने के साथ छात्रावासों की मेस में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता परखी। वहीं, विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने शरीर रचना विज्ञान विभाग के म्यूजियम सहित महाविद्यालय के विभिन्न अनुभागों का अवलोकन किया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. अमित कुमार ने अधिकारियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं, उपलब्ध सुविधाओं और संचालित कार्यों के संबंध में जानकारी दी।
डीएम और सीडीओ ने छात्रावासों की मेस में तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने छात्रों से सीधे संवाद कर भोजन की गुणवत्ता और छात्रावास की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों की समस्याओं और सुझावों को सुनते हुए उनके हित में व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया।
मेडिकल कॉलेज में सुरक्षित और भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधिकारियों ने विशेष रूप से प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं से बातचीत की। इस दौरान रैगिंग की स्थिति, विद्यार्थियों के अनुभवों और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि विद्यार्थी बिना किसी भय और दबाव के अपनी पढ़ाई कर सकें तथा परिसर में अनुशासन और सौहार्द का माहौल बना रहे।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महाविद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के साथ सुरक्षित, अनुशासित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने तथा परिसर को रैगिंग मुक्त बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर महाविद्यालय के उपप्राचार्य डॉ. अरुण सिंह, शरीर रचना विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य मौजूद रहे।

