पीलीभीत, जिले के शिक्षा विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक परिवर्तन सामने आए है। पीलीभीत के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अमित कुमार का शासन द्वारा अचानक स्थानांतरण कर दिया गया है। स्थानांतरण आदेश जारी होने के तुरंत बाद ही जिले के शिक्षकों, विद्यालयों और विभागीय अधिकारियों में हलचल तेज हो गई। यह बदलाव न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि आने वाले समय में जिले की शिक्षा व्यवस्था पर इसका प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने की संभावना भी जताई जा रही है।अमित कुमार का स्थानांतरण शासन की नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान जिले में किए गए कार्यों को देखते हुए शिक्षकों में यह चर्चा तेज है कि यह निर्णय अचानक क्यों लिया गया। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अमित कुमार को नए जनपद में कार्यभार ग्रहण करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि, शासन ने पीलीभीत के लिए नए बीएसए की नियुक्ति को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन विभागीय सूत्रों का कहना है कि जल्द ही नया अधिकारी पदभार संभालेगा।
अमित कुमार का कार्यकाल और उनके प्रमुख प्रयास
पीलीभीत में बीएसए के रूप में अमित कुमार का कार्यकाल कई महत्वपूर्ण निर्णयों और सुधारों के लिए जाना गया। वे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निरीक्षण तंत्र को मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय रहे।
उन्होंने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने, शिक्षक-शिक्षिकाओं की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने और प्राथमिक विद्यालयों की आधारभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कई अभियानों की शुरुआत की।
अमित कुमार ने जिले में संचालित स्कूल चलो अभियान, नामांकन बढ़ाओ अभियान और स्कूलों की ग्राउंड रियलिटी निरीक्षण नीति को व्यावहारिक रूप दिया। कई स्कूलों में शौचालय, पीने के पानी, विद्युत व्यवस्था और कक्षाओं के रंगरोगन से संबंधित कार्य उनके निर्देशन में गति पकड़ सके।
इसके अलावा, वे शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे, जिससे अध्यापन की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास किया गया।
शिक्षा विभाग में प्रशासनिक हलचल
स्थानांतरण आदेश आते ही विभागीय अधिकारियों के बीच नए बीएसए की नियुक्ति को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है। जब तक नया अधिकारी पदभार ग्रहण नहीं कर लेता, तब तक जिले में शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य एबीएसए स्तर के अधिकारियों द्वारा संभाले जाएंगे।कुछ शिक्षकों का कहना है कि अमित कुमार के कार्यकाल के दौरान विभाग में नियमितता, निरीक्षण और जवाबदेही की प्रणाली बेहतर हुई थी। वहीं कुछ मामलों में शिक्षकों ने उन पर कड़ाई से कार्यवाही करने को लेकर नाराजगी भी जताई थी। लेकिन कुल मिलाकर उनके कार्यकाल को सक्रिय और परिणाममुखी माना गया।
आने वाले बीएसए से बढ़ी उम्मीदें
पीलीभीत के शिक्षकों और स्थानीय अभिभावकों में नए बीएसए के आगमन को लेकर उत्सुकता है। जिले की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और प्राथमिक विद्यालयों की दशा में सुधार लाने के लिए एक सक्षम और नवाचारों के प्रति संवेदनशील अधिकारी की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि वर्तमान समय में सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों का झुकाव बढ़ाने के लिए बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी व्यवस्था जरूरी है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी शिक्षकों की कमी, संसाधनों की कमी और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे मौजूद हैं, जिन पर नए बीएसए को प्राथमिकता से काम करना होगा।
स्थानांतरण पर विभाग की प्रतिक्रिया
विभागीय अधिकारियों ने इस स्थानांतरण को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है और कहा है कि सरकारी व्यवस्था में ऐसे परिवर्तन नियमित रूप से होते रहते हैं। किसी भी अधिकारी का उद्देश्य जहां भी कार्यभार हो, वहां बेहतर काम करना होता है और इसी उम्मीद के साथ नया अधिकारी भी पीलीभीत में कार्य करेगा।


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