(रिंटू वर्मा)
पीलीभीत।ग्रामीण अंचलों के छात्र-छात्राओं और युवाओं के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जनपद की 113 ग्राम पंचायतों में जल्द ही डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी। शासन की ओर से इसके लिए पहले ही बजट जारी किया जा चुका है, जबकि पंचायतीराज विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। अब पंचायत भवनों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का कार्य शीघ्र शुरू होने जा रहा है।
ग्रामीण युवाओं तक पहुंचेगी आधुनिक शिक्षा
जनपद में कुल 720 ग्राम पंचायतें हैं, लेकिन अधिकांश गांवों में शिक्षा के बेहतर संसाधनों का अभाव है। इसी कमी को दूर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी योजना शुरू की गई है। पहले चरण में जनपद के पांच विकास खंडों की 113 ग्राम पंचायतों को इस योजना में शामिल किया गया है।
ई-बुक्स से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक सुविधा
पंचायत भवनों में स्थापित होने वाली डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को ई-बुक्स, ऑडियो और वीडियो जैसे आधुनिक शैक्षिक संसाधन उपलब्ध होंगे। सामान्य शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी किताबें अब गांव में ही ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से मिल सकेंगी। इससे छात्रों को शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
4.52 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण
113 डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए शासन की ओर से 4.52 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। प्रति लाइब्रेरी करीब चार लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें दो लाख रुपये की पुस्तकों, 1.30 लाख रुपये के आईटी उपकरण और लगभग 70 हजार रुपये के आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक लाइब्रेरी में 30 से 40 लोगों के बैठने की सुविधा होगी।
पंचायत भवनों में होगा संचालन
डिजिटल लाइब्रेरी पंचायत भवन के एक कमरे में संचालित की जाएंगी। तकनीकी उपकरणों की व्यवस्था यूपी डेस्को द्वारा की जाएगी। प्रत्येक लाइब्रेरी में करीब 566 पुस्तकें उपलब्ध होंगी, जिनमें एनबीटी सहित अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें शामिल रहेंगी। कंप्यूटर और निशुल्क इंटरनेट सुविधा से ग्रामीण युवा ऑनलाइन पढ़ाई भी कर सकेंगे।
अधिकारियों का कहना
जिला पंचायत राज अधिकारी रोहित भारती ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 113 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जानी हैं। इसके लिए बजट प्राप्त हो चुका है और फर्नीचर व पुस्तकों से संबंधित टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। डिजिटल लाइब्रेरी शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा।

