पीलीभीत। महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को सशक्त करने के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान फेज 5.0 के अंतर्गत बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय में “हक की बात जिलाधिकारीज्ञानेंद्र सिंह के साथ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिलाओं को एक मजबूत और सुरक्षित मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहाँ वे बिना किसी झिझक के सीधे जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक अधिकारी से अपनी समस्याएँ साझा कर सकें।
सुबह 10 बजे शुरू हुआ हक़ की बात का कार्यक्रम
हक़ की बात कार्यक्रम सुबह 10 बजे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रारंभ हुआ। कार्यालय के सभागार में बड़ी संख्या में महिलाएँ स्वयं उपस्थित हुईं और अपनी-अपनी समस्याओं को विस्तार से रखने का अवसर उन्हें मिला। वहीं जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए विशेष दूरभाष नंबर पर भी लगातार कॉल आती रहीं। फोन के माध्यम से भी अनेक महिलाओं और बच्चियों ने अपनी परेशानियाँ साझा कीं, जिससे पता चलता है कि इस मंच की पहुँच दूरदराज के क्षेत्र तक भी प्रभावी रूप से हो रही है।
डीएम ने सुने 22 मामले, सभी मामलो को लेकर की 
इस कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने महिलाओं एवं बच्चियों द्वारा प्रस्तुत कुल 22 मामलों को गंभीरता से सुना। इनमें मुख्य रूप से जमीनी विवाद, विधवा पेंशन, आवास योजना से जुड़े मुद्दे, कन्या सुमंगला योजना, बिजली विभाग की समस्याएँ, घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें प्रमुख रहीं। प्रत्येक मामले पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह का कहना
कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने उपस्थित महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया के आवश्यक बिंदु भी समझाए ताकि वे भविष्य में भी अपनी समस्याओं को सही तरीके से दर्ज करा सकें। डीएम कहा कि “हक की बात” जैसे कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इससे उन्हें न केवल अपनी समस्या बताने का सीधा मंच मिलता है बल्कि समाधान की प्रक्रिया भी तेज होती है।कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी ने ‘हक की बात’ के दौरान प्राप्त शिकायतों को विभागवार वर्गीकृत करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने निर्देशित किया कि जिलाधिकारी द्वारा दिए गए आदेशों के अनुसार सभी विभाग अपने स्तर पर समस्याओं का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का मूल उद्देश्य यही है कि किसी भी पीड़ित महिला या बच्ची को न्याय के लिए भटकना न पड़े।
डीएम का निर्देश,शिकायत को लंबित न रखा जाये
जिलाधिकारी ने भी स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की शिकायत को लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक केस का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की समस्याएँ केवल कानूनी या सामाजिक मुद्दे नहीं हैं, बल्कि शासन-प्रशासन की प्राथमिकता हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को संवेदनशीलता व तत्परता के साथ कार्य करना चाहिए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी न्यायिकरोशनी यादव, उप जिलाधिकारी (अतिरिक्त) प्रमेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला कल्याण विभाग की संरक्षण अधिकारी और जिला मिशन कोऑर्डिनेटर भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने प्रशासन की ओर से महिलाओं की सुरक्षा, अधिकार और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई।मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम न केवल महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान का माध्यम बना बल्कि उन्हें यह भरोसा भी दिलाया कि प्रशासन हमेशा उनके साथ है। इस तरह ‘हक की बात जिलाधिकारी के साथ’ कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में पीलीभीत जिले की एक सार्थक और प्रभावी पहल साबित हुआ है, जिसने जिले की अनेकों महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आगे आने का साहस और विश्वास दोनों प्रदान किया।


शानदार कार्य