(रिंटू वर्मा)
पीलीभीत। उत्तरप्रदेश के पीलीभीत जनपद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत लगभग 700 कार्यरत संविदा कर्मचारियों को बीते लगभग दो महीनों से वेतन नहीं मिल पाया है। वेतन भुगतान में हो रही लगातार देरी के कारण सैकड़ों कर्मचारी गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। हालत यह है कि कई कर्मचारियों के सामने घर-परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है, जबकि बच्चों की पढ़ाई, किराया, बिजली-पानी के बिल और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है।
संविदा कर्मियों का कहना है कि वे सीमित मानदेय पर पूरी निष्ठा से स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद समय पर वेतन न मिलना उनके मनोबल को तोड़ रहा है। कई कर्मचारियों ने बताया कि आर्थिक मजबूरी के चलते उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है, वहीं कुछ कर्मियों को दुकानदारों से उधार सामान लेना पड़ रहा है।
कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन भुगतान को लेकर कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। आश्वासन जरूर दिए गए, परंतु वेतन जारी नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
NHM के अंतर्गत कार्यरत ये संविदा कर्मचारी जनपद के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों पर तैनात हैं। ये कर्मचारी टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, जन-जागरूकता अभियान सहित कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में वेतन न मिलने से न केवल कर्मचारियों की निजी जिंदगी प्रभावित हो रही है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कर्मचारियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से शीघ्र वेतन जारी कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


दीपावली पर भी यही स्तिथि थी nhm कर्मचारीयों की… कृपया pm ऑफिस और cm ऑफिस और सुप्रीम कोर्ट के लिंक पर ये news भेजे