पीलीभीत डीआईओएस कार्यालय से जुड़े खाते में करोड़ों का ट्रांजैक्शन, दो दिन में मांगी गई विस्तृत आख्या

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पीलीभीत। पीलीभीत जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब एक निजी बचत बैंक खाते में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का मामला सामने आया। यह प्रकरण जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से उजागर हुआ, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक से दो दिन के भीतर स्पष्ट और विस्तृत आख्या मांगी है।

मिली जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी कार्यालय पत्र  के माध्यम से मुख्य प्रबंधक, मुख्य शाखा, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीलीभीत द्वारा प्रेषित पत्र की प्रति अग्रसारित की गई। पत्र में बताया गया कि अर्शी खातून पुत्री ताहिर शम्सी पत्नी इल्हाम शम्सी का बचत बैंक खाता संख्या 00730100030949  06 जून 2025 से संचालित है।

21 एनईएफटी से 24 लाख से अधिक की रकम ट्रांसफर

बैंक जांच के दौरान यह सामने आया कि 03 दिसंबर 2025 को उक्त खाते में 21 अलग-अलग एनईएफटी के माध्यम से कुल 24,27,920 रुपये हस्तांतरित किए गए। इसके अतिरिक्त खाते में कुल मिलाकर 1,01,95,135 रुपये की धनराशि विभिन्न माध्यमों से ट्रांसफर की गई है।

मुख्य प्रबंधक द्वारा की गई प्राथमिक जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित 21 एनईएफटी ट्रांजैक्शन कार्यालय जिला विद्यालय निरीक्षक से संबंधित प्रतीत हो रहे हैं।

कोषागार ने भी जताई पुष्टि

वरिष्ठ कोषाधिकारी, पीलीभीत ने भी अपने स्तर से अवगत कराया कि उक्त खाते में हुए 21 एनईएफटी हस्तांतरण जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से जुड़े हैं। इस सूचना के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई।

दो दिन में मांगी गई स्पष्ट रिपोर्ट

डीएम के निर्देश के बाद मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार श्रीवास ने कोषागार से प्राप्त विवरण संलग्न करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया है कि पूरे प्रकरण से संबंधित संपूर्ण विवरण, अभिलेखीय साक्ष्य सहित, दो दिवस के भीतर बिना विलंब प्रस्तुत किया जाए।

पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि खाते और धनराशि से संबंधित समस्त तथ्यों की सुस्पष्ट आख्या अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आगे की विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

जांच की संभावना, जिम्मेदारी तय होगी

सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच की तैयारी की जा रही है। यदि भुगतान में अनियमितता या वित्तीय लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और प्रशासन की नजर इस पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।


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