( रिंटू वर्मा)
पीलीभीत।जनपद के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारियों की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर तैनात लगभग 100 वार्ड बॉय, वार्ड आया तथा स्वीपर-कम-चौकीदारों को बीते आठ माह से वेतन नहीं मिला है। ।लंबे समय से मेहनताना न मिलने के कारण इन कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे नियमित रूप से अस्पतालों में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं फिर भी 8 माह से वेतन नहीं मिला है। मरीजों की देखभाल से लेकर सफाई व्यवस्था तक की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं कर्मचारियों के कंधों पर है, लेकिन इसके बावजूद विभागीय उदासीनता के चलते उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा। हालात यह हो गए हैं कि कई कर्मचारियों के सामने घर चलाना मुश्किल हो गया है। किराया, बच्चों की फीस, दवाइयों और रोजमर्रा के खर्चों के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है।
पीड़ित कर्मियों ने बताया कि वेतन भुगतान को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और आउटसोर्सिंग एजेंसी से संपर्क किया गया, मगर अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। आर्थिक तंगी के चलते कई परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।फिलहाल कर्मचारियों ने प्रशासन से जल्द बकाया वेतन दिलाए जाने की मांग की है।
कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाने को लेकर जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आलोक कुमार से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया आउटसोर्स कर्मियों की वेतन किसी कारणवश रुका हुआ है यह कोई बड़ा इशू नहीं है बहुत ही जल्द उन्हें वेतन मिल जाएगा।

