पीलीभीत: डेढ़ करोड़ की बिक्री पर सिर्फ 50 हजार टैक्स जमा, बदनाम लस्सी पर GST टीम की बड़ी कार्रवाई,

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पीलीभीत।  शहर के चर्चित बदनाम लस्सी प्रतिष्ठान पर जीएसटी विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी टैक्स चोरी का भंडाफोड़ किया। प्रतिष्ठान के मालिक एवं उद्योग व्यापार मंडल के मंडल उपाध्यक्ष डालचंद सक्सेना के यहां हुई छापेमारी में पिछले वित्तीय वर्ष में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री सामने आई, जबकि टैक्स के रूप में मात्र 50 हजार रुपये जमा किए गए थे। टीम ने फर्जी आईटीसी लाभ उठाने के प्रमाण भी पकड़े।


17.50 लाख रुपये टैक्स निर्धारित, मौके पर 2 लाख जमा

जीएसटी टीम की चार घंटे चली जांच में वर्ष 2024-25 की बिक्री के आधार पर कुल 17.50 लाख रुपये का टैक्स निकलकर सामने आया। जांच के दौरान संचालक द्वारा मौके पर दो लाख रुपये जमा किए गए। टीम ने शेष टैक्स जमा करने के लिए उन्हें 10 दिसंबर तक का समय दिया है। जांच के दौरान कई अभिलेख और बिल उपलब्ध नहीं कराए जा सके, जिसे टैक्स चोरी का स्पष्ट प्रमाण माना गया।


दबाव बनाने की कोशिश नाकाम, व्यापारियों में खलबली

छापेमारी की सूचना मिलते ही व्यापार मंडल के कई पदाधिकारी और व्यापारी मौके पर पहुंच गए। शुरुआती दौर में टीम पर दबाव डालने का प्रयास किया गया, मगर अधिकारियों ने कार्रवाई जारी रखते हुए जांच पूरी की। प्रतिष्ठान पर बिल न देने और टैक्स चोरी की शिकायतें पहले भी दर्ज हुई थीं, जिनकी पुष्टि जांच में हुई।


आईटीसी में गड़बड़ी और बिलों की अनुपस्थिति उजागर

टीम ने पाया कि दूध, चीनी, खोया सहित अन्य कच्चे माल की खरीद पर भी टैक्स चोरी की गई है। क्रय-विक्रय से संबंधित बिल मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। मौजूद ग्राहकों को कोई बिल जारी नहीं किया जा रहा था, जो नियमों का उल्लंघन है। पिछले वर्ष के अभिलेख मांगे गए तो वह भी प्रस्तुत नहीं किए गए।


स्टॉक सील, अभिलेख जब्त

दुकान और गोदाम में बड़ी मात्रा में स्टॉक मिला, पर उसके बिल और रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। टीम ने संपूर्ण स्टॉक सील कर दिया और संबंधित अभिलेख तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। फिलहाल स्टॉक, आईटीसी विवरण और खरीद-विक्रय बिलों की जांच जारी है।


कई ब्रांचों पर भी रखी जा रही नजर

छापेमारी के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है कि बदनाम लस्सी के दूसरे होटल/ब्रांच पर भी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि टीम ने होटल पर अभी छापा नहीं मारा है, लेकिन गोपनीय तरीके से जांच जारी है।


विभाग का बयान

जीएसटी डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि बदनाम लस्सी प्रतिष्ठान पर टैक्स चोरी और बिल न देने की शिकायतों पर कार्रवाई की गई। “छापेमारी में 17.50 लाख रुपये की टैक्स चोरी उजागर हुई है। संचालक ने 2 लाख रुपये जमा किए हैं। शेष राशि के लिए समय दिया गया है। स्टॉक और अभिलेख सील कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।”



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