(रिंटू वर्मा)
पीलीभीत। जिले में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पक्षियों की जान के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। इसके बावजूद शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक इसकी धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। चाइनीज मांझा न सिर्फ पक्षियों के पंख, गर्दन और पैरों को काट देता है, बल्कि कई बार उनके उड़ान भरते समय यह जानलेवा साबित हो रहा है। आए दिन मांझे में उलझकर घायल या मृत पक्षी देखे जा रहे हैं, जिससे पर्यावरण प्रेमियों और आम नागरिकों में गहरा आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजारों, गलियों और पतंग की दुकानों पर खुलेआम चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है, लेकिन जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी इस पर कोई ठोस कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं। नियमों के अनुसार चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद न तो नियमित छापेमारी हो रही है और न ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि दुकानदार बेखौफ होकर इसकी बिक्री कर रहे हैं।
पर्यावरणविदों का कहना है कि चाइनीज मांझा केवल पक्षियों के लिए ही नहीं, बल्कि इंसानों के लिए भी खतरनाक है। कई बार दोपहिया वाहन चालकों के गले में फंसकर यह गंभीर हादसों का कारण बन चुका है। बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों की चुप्पी समझ से परे है। वन विभाग की जिम्मेदारी है कि वह वन्यजीवों और पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, लेकिन इस मामले में विभाग की भूमिका सवालों के घेरे में है।
शहरवासियों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि चाइनीज मांझे की बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए, नियमित अभियान चलाकर इसे जब्त किया जाए और दोषी दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही आम लोगों को भी जागरूक किया जाए ताकि वे प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल न करें। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में पक्षियों की मौत का यह सिलसिला और भी भयावह रूप ले सकता है।

