पीलीभीत। उत्तरप्रदेश के पीलीभीत जनपदए नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का थाना अमरिया पुलिस ने खुलासा करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के कब्जे से ठगी की रकम में से दो लाख रुपये बरामद किए गए हैं। मामले में कूट रचित दस्तावेजों की बरामदगी के आधार पर धारा 467/411 भादवि की बढ़ोतरी भी की गई है।
वादी की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा
पीलीभीत के ग्राम भूड़ा थाना अमरिया निवासी राजकुमार पुत्र भवानी प्रसाद की तहरीर पर दिनांक 16 सितंबर 2025 को थाना अमरिया में मुकदमा अपराध संख्या 0252/2025 धारा 406, 420, 468, 471 भादवि के अंतर्गत कमलेश कुमार समेत अन्य आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था। प्रकरण के शीघ्र निस्तारण हेतु पुलिस उपमहानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक पीलीभीत के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
थाना अमरिया पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 01 फरवरी को अभियुक्त कमलेश कुमार निवासी बांदा हाल निवासी ललौरी खेड़ा पीलीभीत, मोहम्मद मोहसिन, शोएब निवासी मोहल्ला भूरे खां कोतवाली पीलीभीत तथा रामा यादव निवासी गोरखपुर को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों की निशानदेही पर मोहम्मद मोहसिन के घर से कमलेश द्वारा दिए गए दो लाख रुपये बरामद किए गए।
फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और आईडी बनाकर करते थे ठगी
पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे लोग नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों को विश्वास में लेते थे। गिरोह के सदस्य आपस में अधिकारी बनकर बात कराते थे तथा फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, आईडी कार्ड और सेवा पुस्तिका तैयार कराकर पीड़ितों को देते थे। कई मामलों में कुछ महीनों तक नौकरी भी करवाई जाती थी और वेतन भेजकर भरोसा कायम किया जाता था। इसके बाद प्राप्त धनराशि आपस में बांट ली जाती थी।
गिरोह के अन्य सदस्य भी चिन्हित
अभियुक्तों ने बताया कि इस गिरोह में शिवशंकर मिश्रा निवासी गुजरात, पंकज जायसवाल निवासी गोला लखीमपुर तथा सरोज मौर्य निवासी लखनऊ भी शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने बताया कि विवेचना प्रचलित है तथा गिरफ्तार अभियुक्तों को नियमानुसार माननीय न्यायालय भेजा जा रहा है।

