स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय पीलीभीत : ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

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(रिंटू वर्मा)

पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय पीलीभीत की स्थापना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने तथा आम जनमानस को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई। यह महाविद्यालय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में पीलीभीत जनपद के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में स्थापित हुआ है।महाविद्यालय के विकास क्रम में एक ऐतिहासिक उपलब्धि 10 अगस्त 2024 को प्राप्त हुई, जब राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग द्वारा एमबीबीएस पाठ्यक्रम प्रारंभ करने हेतु अनुमति पत्र प्रदान किया गया। इसके साथ ही महाविद्यालय में प्रथम एमबीबीएस बैच का विधिवत शुभारंभ हुआ।संस्थान की निरंतर प्रगति एवं शैक्षणिक मानकों के सफल अनुपालन के परिणामस्वरूप 10 जुलाई 2025 को द्वितीय एमबीबीएस बैच के संचालन की भी अनुमति प्राप्त हुई, जो महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है।

पैरामेडिकल शिक्षा में विस्तार

सहायक स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी महाविद्यालय ने महत्वपूर्ण कदम उठाए। 22 मई 2025 को प्रथम पैरामेडिकल पाठ्यक्रम बैच का शुभारंभ किया गया, जिससे प्रशिक्षित एवं कुशल स्वास्थ्यकर्मियों के निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल हुई।

स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा में उपलब्धियाँ


स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत ने उल्लेखनीय प्रगति की। 09 अप्रैल 2025 को डीएनबी शल्य चिकित्सा  पाठ्यक्रम को स्वीकृति प्राप्त हुई।इसके पश्चात 29 अप्रैल 2025 को डीएनबी मेडिसिन एवं डीएनबी पीडियाट्रिक्स  पाठ्यक्रमों को भी मान्यता प्रदान की गई।ये उपलब्धियाँ महाविद्यालय के शैक्षणिक स्तर, चिकित्सकीय सेवाओं एवं प्रशिक्षण क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करती हैं।

महाविद्यालय की प्राचार्या का वक्तव्य

महाविद्यालय की उपलब्धिपूर्ण यात्रा पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने कहा “स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि आम जनमानस को सुलभ, सस्ती एवं उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना भी है। एमबीबीएस, पैरामेडिकल एवं डीएनबी पाठ्यक्रमों की स्वीकृति महाविद्यालय की निरंतर प्रगति, समर्पित संकाय एवं टीमवर्क का परिणाम है। हमें पूर्ण विश्वास है कि यह संस्थान भविष्य में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित होगा।”

निरंतर विकास की दिशा में अग्रसर

आधुनिक अधोसंरचना, अनुभवी शिक्षकों, समर्पित चिकित्सकों एवं सशक्त प्रशासनिक सहयोग के साथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत निरंतर विकास की दिशा में अग्रसर है तथा क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

 तत्कालीन डीएम वैभव श्रीवास्तव ने भेजा था प्रस्ताव

वर्ष 2020 में तत्कालीन डीएम वैभव श्रीवास्तव के निर्देश के बाद मरौरी ब्लाक के खाग गांव में जमीन पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया था। यह प्रस्ताव 340 करोड़ रुपए का था। तत्कालीन डीएम वैभव श्रीवास्तव के स्थानांतरण के बाद पीलीभीत आए डीएम पुलकित खरे ने मेडिकल कॉलेज बनाए जाने को लेकर अहम् जिम्मेदारी निभाई थी।


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