(रिंटू वर्मा)
पीलीभीत। एनएमओ भारत ट्रस्ट द्वारा संचालित “गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0” के अंतर्गत भारत–नेपाल सीमा से सटे जनपद पीलीभीत के दूरस्थ एवं दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में दो दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया। शिविरों का उद्देश्य सीमावर्ती एवं वंचित आबादी को उनके गांव के समीप सुलभ, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा। इस दौरान चिकित्सक दल गांवों में परिवारों के साथ रककर गांव के परिवेश को समझा हलाकि खुले माहौल और सर्दी के दिन होने के कारण रात्रि के समय गांव मे रुके डॉक्टर्स को सर्द हवा का सामना करना पड़ा।
कई गांवों में लगे शिविर, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने की जांच
स्वास्थ्य सेवा यात्रा के दौरान नारायणपुर, इटारिया, गुलड़िया खास, रुद्रपुर, भवानीगंज, राजपुर एवं लाहा सहित अनेक गांवों में शिविर लगाए गए। शिविरों में सामान्य रोगों के साथ नेत्र, त्वचा, स्त्री रोग, बाल रोग सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की जांच की गई। साथ ही मरीजों की बीपी एवं आरबीएस जांच कर निःशुल्क दवाओं का वितरण तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया।
1025 से अधिक मरीजों को मिला स्वास्थ्य लाभ
इन शिविरों के माध्यम से कुल 1025 से अधिक मरीजों की स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श किया गया। चिकित्सकों, मेडिकल छात्रों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की टीमों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाईं और उन्हें रोगों की रोकथाम व स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया।
प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा का मार्गदर्शन रहा महत्वपूर्ण
कार्यक्रम को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा का मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ। उनके नेतृत्व में महाविद्यालय सामाजिक दायित्वों के निर्वहन की दिशा में लगातार प्रभावी प्रयास कर रहा है।
वरिष्ठ चिकित्सकों के निर्देशन में संपन्न हुआ कार्यक्रम
जिला प्रभारी एवं एनएमओ मेरठ प्रान्त के उपाध्यक्ष डॉ. निधीश कुमार (राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ग्रेटर नोएडा) के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। सह-प्रभारी डॉ. देवल अरोड़ा, एनएमओ शाहजहांपुर यूनिट अध्यक्ष डॉ. अमित सक्सेना तथा एएसएमसी बुलंदशहर से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेन्द्र जी का विशेष सहयोग रहा।
समन्वयकों और चिकित्सकों ने निभाई अहम भूमिका
शिविर समन्वयक के रूप में डॉ. कपिल, डॉ. देवल अरोड़ा, श्री अमर नाथ, डॉ. अर्चना सिंह एवं डॉ. निधीश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं शिविर चिकित्सक एवं परामर्शदाता के रूप में डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. प्रियंका यादव, डॉ. प्राची चौहान, डॉ. शोभित सिंह, डॉ. पीयूष पचौरी एवं डॉ. कुलवंत सिंह ने अपनी सेवाएं दीं। एमबीबीएस छात्र प्रशांत, दीपक पटेल, किरण सोनकर, अनमता अनीस एवं प्रखर पटेल सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने भी शिविर संचालन में सक्रिय सहयोग किया।
ग्रामीणों ने जताया आभार, आगे भी जारी रहेंगे स्वास्थ्य शिविर
सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों ने अपने गांव में ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा जैसी जनकल्याणकारी पहल की सराहना की। इधर शिविर के डॉक्टर्स ने ग्रामीणों को महाराणा प्रताप की प्रतिमा ग्रामीणों को उपहार स्वरुप प्रदान की।आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के स्वास्थ्य शिविर निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें।

