(रिंटू वर्मा)
पीलीभीत। राज्य सरकार द्वारा नामित उत्तर प्रदेश राज्य नोडल आपातकालीन विभाग के अधिकारी डॉ. एल. डी. मिश्रा ने स्वशासीराज्य महाविद्यालय पीलीभीत और सम्बंधित अस्पताल में नव स्थापित इमरजेंसी यूनिट, अत्याधुनिक आईसीयू तथा ऑपरेशन थियेटर (ओटी) का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण का उद्देश्य
मेडिकल कॉलेज पीलीभीत का निरीक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्ध संसाधनों, संरचनात्मक व्यवस्थाओं तथा रोगी देखभाल प्रणाली का गहन मूल्यांकन करना था। निरीक्षण के दौरान डॉ. मिश्रा ने इमरजेंसी में मरीजों के त्वरित पंजीकरण, प्राथमिक उपचार, जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता, दवाओं की व्यवस्था तथा स्टाफ की तत्परता का बारीकी से अवलोकन किया और समग्र रूप से व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया।
नई सुविधाएं क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी- डॉ मिश्रा
डॉ. मिश्रा ने आईसीयू एवं ऑपरेशन थियेटर का भी निरीक्षण करते हुए वहां स्थापित आधुनिक मशीनों, संक्रमण नियंत्रण उपायों, स्वच्छता व्यवस्था तथा मानक प्रोटोकॉल के पालन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गंभीर एवं आकस्मिक रोगियों के उपचार में समय पर निर्णय और सुव्यवस्थित प्रणाली अत्यंत आवश्यक होती है। मेडिकल कॉलेज पीलीभीत में विकसित की गई नई सुविधाएं क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी और इससे जनपद के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सलाह
निरीक्षण के उपरांत डॉ. एल. डी. मिश्रा द्वारा फैकल्टी सदस्यों के लिए एक विशेष शैक्षणिक कक्षा का आयोजन किया गया। इस कक्षा में उन्होंने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने चिकित्सकों को त्वरित निर्णय क्षमता विकसित करने, टीमवर्क के साथ कार्य करने, मानक उपचार प्रोटोकॉल का पालन करने तथा रोगी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी सेवाओं में समन्वय और अनुशासन जितना बेहतर होगा, मरीजों की जान बचाने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
प्राचार्या और उप प्राचार्य का वक्तव्य
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही आधुनिक सुविधाओं का उद्देश्य आमजन को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। उप-प्राचार्य डॉ. अरुण सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज लगातार अपनी सेवाओं में सुधार कर रहा है और स्टाफ को नियमित रूप से प्रशिक्षण देकर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है।
पीलीभीत मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सशक्त होंगी
निरीक्षण एवं कक्षा के दौरान शल्य चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. जगदंबा शरण, डॉ. अक्षत पांडेय, डॉ. राज कुमार, डॉ. मानसी सिंह, डॉ. विशिका सिंह एवं डॉ. पायस राज वर्मा सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे। सभी चिकित्सकों ने डॉ. मिश्रा द्वारा दिए गए सुझावों को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में और अधिक सुधार होगा। राज्य नोडल अधिकारी के इस निरीक्षण को मेडिकल कॉलेज पीलीभीत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सशक्त होंगी।


निरिक्षण मे इनको आयुष विंग पर ताला नई दिखा… शाशन ने 4पैथी को मिला के एक जगह बनाया ताकि आयुष व एलोपथ मिल कर कार्य कर सके… लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने वर्षों से चलती इकाई बंद करवा दी
आप द्वारा दी गई जानकारी हमारे लिए महत्वपूर्ण है। इस समस्या को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जायेगा।
आखिर पीलीभीत के मेडिकल कॉलेज में स्थापित आयुष विंग पर क्यों पड़े है ताले, जिम्मेदार कौन,मरीजों को नहीं मिल रही आयुष की सुविधा https://pilibhitnews.com/pilibhit-update-aayush-ving-par-pade-taale/
*एक ओर जहां केंद्र और प्रदेश सरकार आयुष पद्धतियों—आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी—को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है,वही पीलीभीत के मेडिकल कॉलेज में स्थापित आयुष विंग में पड़ गये ताले*