रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय पीलीभीत में एमबीबीएस बैच 2024 एवं 2025 के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित फ्रेशर्स पार्टी का भव्य एवं गरिमामय आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने गायन, नृत्य, संगीत एवं विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर समां बांध दिया।
छात्र संयोजन में दिखा उत्कृष्ट समन्वय
कार्यक्रम का सफल संचालन छात्र संयोजक तनिष्क यादव (स्टूडेंट इनचार्ज) के नेतृत्व में किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन अर्शी एवं हर्षित कुमार (स्टूडेंट्स कल्चरल हेड) तथा प्रणव (स्टूडेंट्स कल्चरल सेक्रेटरी) ने प्रभावी ढंग से किया। कोष प्रबंधन का दायित्व शारदा एवं मेहफूज ने संभाला।
- ऑडियो-विजुअल व्यवस्था में मृदुल, इजलाल एवं राशि का योगदान रहा, जबकि बैठने की व्यवस्था में नकुल
, वैभव, दिव्या वर्मा एवं कनिषा ने अपनी भूमिका निभाई। मंच सज्जा की जिम्मेदारी अंकित गौतम, आदित्य, ट्विंकल एवं समीक्षा ने निभाई। खानपान व्यवस्था में सोमदत्ता, वसीम, राजेन्द्र एवं अश्वानी ने सहयोग किया। अनुशासन समिति में दिव्या सागर, सलीहा, नाहिद, खुशी सोनकर, प्रकर, अमन, अर्पित एवं सौरभ गोदारा सक्रिय रहे।
संकाय सदस्यों का रहा सराहनीय योगदान
आयोजन समिति में उप प्राचार्य डॉ. अरुण सिंह, डॉ. शिखा सक्सेना, डॉ. श्रेयसी वक्श, डॉ. दीपिका वर्मा, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. ज्योति त्रिवेदी, डॉ. प्रियंका चतुर्वेदी, डॉ. पंकज केसवानी, डॉ. प्रदीप शेखावत, डॉ. पूजा सिंधवानी, डॉ. स्नेह सुमन, डॉ. अभिषेक रस्तोगी, डॉ. वी. शन्मुखा वरलक्ष्मी, डॉ. शकील अहमद, डॉ. मनीषा स्कॉट, डॉ. ज़ारा, डॉ. आनंद स्वरूप, डॉ. कमलेश यादव, डॉ. पी.सी. श्रीवास्तव, डॉ. मुकेश पांडेय, डॉ. हुमा खान, डॉ. परिक्षित सिंह, डॉ. मानसी सिंह एवं डॉ. एस.एम. फरीद का विशेष योगदान रहा।
नवप्रवेशित छात्रों ने दिया परिचय, लिया सेवा का संकल्प
एमबीबीएस 2025 बैच के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं ने मंच पर अपना औपचारिक परिचय प्रस्तुत किया और चिकित्सा क्षेत्र में समर्पित सेवा का संकल्प व्यक्त किया। इस दौरान पूरे सभागार में उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल देखने को मिला।
प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने दिया प्रेरणादायी संदेश
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमाकांत सागर एवं डॉ. राजेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अपने संबोधन में प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने कहा…
“चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। एक चिकित्सक का आचरण, अनुशासन और संवेदनशीलता ही उसकी वास्तविक पहचान होती है। आप सभी विद्यार्थी समाज की आशा और विश्वास के प्रतीक हैं। ज्ञान के साथ-साथ करुणा, धैर्य और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाइए।”
उन्होंने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, आत्मानुशासन एवं टीमवर्क के महत्व पर विशेष बल दिया।
उत्साह और प्रेरणा के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन उत्साह, सौहार्द एवं प्रेरणादायी वातावरण में हुआ। अंत में सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।

