( रिंटू वर्मा)
पीलीभीत। पीलीभीत मेडिकल कॉलेज के प्रेक्षाग्रह मे नेशनल मेडिको ऑर्गेनाइजेशन के तत्वावधान में संचालित “गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0” के अंतर्गत आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का समापन भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम मे भाजपा प्रदेश महामंत्री, गन्ना राज्य मंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मेडिकल छात्र समीर राघव एवं अन्य छात्र–छात्राओं द्वारा गणेश वंदना तथा एनएमओ मंत्र के साथ हुआ। इसके उपरांत अतिथियों का मंच पर स्वागत कर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
एनएमओ क्षेत्रीय सचिव डॉ. भूपेन्द्र ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत करते हुए स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0 के उद्देश्य, पृष्ठभूमि एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनूप गुप्ता जी, प्रदेश महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी एवं सदस्य विधान परिषद, उत्तर प्रदेश उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता के रूप में संजय सिंह गंगवार राज्य मंत्री, गन्ना एवं चीनी मिलें, उत्तर प्रदेश सरकार तथा डॉ. आस्था अग्रवाल अध्यक्ष, पीलीभीत नगर पालिका परिषद ने सहभागिता की।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी श्री ज्ञानेन्द्र सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
अध्यक्षता एवं विशिष्ट अतिथि
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत ने की वही विशिष्ट अतिथि के रूप में प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार, एएसएमसी शाहजहांपुर की उपस्थिति भी रही।
स्वास्थ्य सेवा को राष्ट्रसेवा का माध्यम बताया
अपने संबोधन में डॉ. आस्था अग्रवाल ने दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने को समय की आवश्यकता बताया।
जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने जनहित में ऐसे सेवा-आधारित अभियानों की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्य वक्ता राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने स्वास्थ्य सेवा को राष्ट्रसेवा का प्रभावी माध्यम बताते हुए एनएमओ के प्रयासों की सराहना की, वहीं मुख्य अतिथि अनूप गुप्ता ने सेवा, समर्पण और संगठन की भूमिका पर अपने विचार रखे।
अनुभव कथन में उभरा शिविरों का जमीनी प्रभाव
अनुभव कथन सत्र में डॉ. अर्चना सिंह, दिव्या सागर, हर्षित एवं कनिष्का यादव ने भारत–नेपाल सीमा से सटे दूरस्थ एवं दुर्गम गांवों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों के अनुभव साझा किए, जिससे शिविरों के सामाजिक प्रभाव का सजीव चित्र सामने आया।
संकाय सदस्यों एवं मेडिकल छात्रों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. प्रियंका यादव, डॉ. शोभित सिंह, डॉ. प्राची चौहान, डॉ. पियूष पचौरी, डॉ. सागर राय एवं डॉ. कुलवंत सिंह को सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवा यात्रा में सक्रिय भूमिका निभाने वाले मेडिकल छात्र–छात्राओं रतन दीप शर्मा, विनय कुमार अत्री, प्रखर पटेल, हर्षित, प्रशांत वार्ष्णेय, मृदुल रंजन वार्ष्णेय, रतन गुप्ता, दीपक पटेल, विपिन यादव, अर्पित दीक्षित, दिव्या वर्मा, झलक वर्मा, खुशी सोनकर, दिव्या सागर, अभिलाषा पंवार, अनाम्ता अनीस, किरण एवं कनिष्का यादव को सम्मानित किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धियों की जानकारी
डॉ. विनोद ने पीलीभीत स्वास्थ्य सेवा यात्रा का संक्षिप्त वृत्त प्रस्तुत किया गया। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक कुमार ने जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. संगीता अनेजा ने चिकित्सकों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों की सक्रिय सहभागिता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
एनएमओ पदाधिकारियों की सक्रिय सहभागिता
एनएमओ संगठन की ओर से डॉ. निधीश कुमार (जिला प्रभारी एवं प्रान्त उपाध्यक्ष), डॉ. देवल अरोड़ा , डॉ. विनोद जी, डॉ. अभिषेक , डॉ. अमित सक्सेना , डॉ. कपिल , डॉ. अमरनाथ तथा एएसएमसी बुलंदशहर से पधारे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेन्द्र की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

