रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत एवं संबद्ध जिला अस्पताल में मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सीय सेवाएं निरंतर प्रदान की जा रही हैं। इसी क्रम में जन्मजात टेढ़े पैर से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष निःशुल्क उपचार सुविधा संचालित की जा रही है, जिससे अब तक हजारों बच्चों को लाभ मिल चुका है।
प्रत्येक शुक्रवार को विशेष ओपीडी
अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में हर शुक्रवार को क्लब फुट से ग्रसित बच्चों की विशेष जांच एवं उपचार किया जाता है। इस अभियान में अनुष्का फाउंडेशन का भी सहयोग मिल रहा है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिल रही है।
आधुनिक प्लास्टर एवं ब्रेसिंग से चरणबद्ध इलाज
उपचार आधुनिक प्लास्टर एवं ब्रेसिंग प्रोटोकॉल के तहत चरणबद्ध तरीके से किया जाता है। इस वैज्ञानिक पद्धति से बच्चों के पैरों की विकृति धीरे-धीरे सुधरती है और वे सामान्य रूप से चलने-फिरने में सक्षम हो जाते हैं। नियमित फॉलोअप और निगरानी से स्थायी लाभ सुनिश्चित किया जाता है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचार
विभागाध्यक्ष डॉ. गोपाल तिवारी एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अक्षत पांडेय द्वारा प्रत्येक बच्चे का विस्तृत परीक्षण कर व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है। प्लास्टर एवं ब्रेसेज लगाने की पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञों की निगरानी में संपन्न होती है, जिससे उपचार प्रभावी और सुरक्षित रहता है।
प्राचार्या के निर्देशन में जनकल्याणकारी पहल
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा के कुशल निर्देशन एवं सतत निगरानी में यह सेवा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। संस्थान का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण इस उपचार से वंचित न रहे।
हजारों बच्चों के लिए बनी आशा की किरण
यह निःशुल्क उपचार सुविधा अब तक हजारों बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला चुकी है। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए भविष्य में भी इस प्रकार की जनसेवा जारी रखेगा।

