पीलीभीत। बाल पुष्टाहार विकास विभाग के अंतर्गत लाभार्थियों के चेहरा प्रमाणीकरण एवं ई-केवाईसी के कार्य में पीलीभीत ने प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है।जनपद में 97.7% कार्य पूरा हो चुका है।जिले में कुल 2,02,237 लाभार्थियों में से 1,97,970 लाभार्थियों का डाटा पोषण ट्रैकर एप पर अपलोड किया जा चुका है। शासन द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के अनुसार अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से पात्र लाभार्थियों के चेहरे का मिलान किए जाने के बाद ही पोषाहार का वितरण किया जाएगा।
जनपद में कुल 1960 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित
पीलीभीत जनपद में कुल 1960 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से बच्चों के साथ-साथ चिन्हित गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है। पोषाहार पात्र लाभार्थियों तक न पहुंचने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शासन ने वितरण प्रणाली में यह बदलाव किया है। इसके अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को फेस ऑथेंटिकेशन एवं ई-केवाईसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि विभागीय अधिकारियों द्वारा पूरे कार्य की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी युगल किशोर सांगुड़ी का कहना
जिला कार्यक्रम अधिकारी युगल किशोर सांगुड़ी ने बताया कि जनपद में लगभग 98% कार्य पूरा हो चुका है शेष बचे लाभार्थियों का भी शीघ्र फेस ऑथेंटिकेशन और ई-केवाईसी पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

