पीलीभीत में बड़ी कार्रवाई: डीएम के निर्देश पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम उर रहमान शम्सी व पत्नी के खिलाफ एफआईआर, संपत्ति जांच शुरू

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रिंटू वर्मा…

पीलीभीत। जनपद में वित्तीय अनियमितताओं के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम उर रहमान शम्सी तथा उसकी पत्नी अर्शी खातून के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग सहित अन्य कार्यालयों में हड़कंप मच गया है।

शिकायत के बाद प्रशासन हुआ सख्त

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन को कर्मचारी से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य गतिविधियों को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया अनियमितताओं के संकेत मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासन अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है।

संपत्ति की विस्तृत जांच के आदेश

जिलाधिकारी ने आरोपी कर्मचारी और उसकी पत्नी की चल एवं अचल संपत्तियों की जांच कराने के भी निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि उनकी आय के स्रोत क्या हैं और कहीं आय से अधिक संपत्ति तो अर्जित नहीं की गई है। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक अभिलेख जुटाने और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

आहरण एवं वितरण अधिकारियों को सख्त निर्देश

मामले को देखते हुए जिलाधिकारी ने जनपद के सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि किसी भी भुगतान संबंधी बिल पर हस्ताक्षर करने से पूर्व उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल सुनिश्चित की जाए। बिना सत्यापन के भुगतान करने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

लापरवाही या अनियमितता पर होगी कठोर कार्रवाई

जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से वित्तीय अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।

विभागों में बढ़ी सतर्कता

इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग समेत अन्य सरकारी कार्यालयों में भी सतर्कता बढ़ गई है। अधिकारी और कर्मचारी अब वित्तीय कार्यों में विशेष सावधानी बरत रहे हैं। प्रशासन की इस सख्ती को भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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