रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश भारतीय मजदूर संघ के संरक्षण में सोमवार को जिला चिकित्सालय परिसर मे अध्यक्ष शेर सिंह चौहान और सयोजक अमरेश कुमार सहित अमित कुमार ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर एनएचएम कर्मचारियों की लंबित एवं गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया । शेर सिंह चौहान ने बताया कि भारतीय मजदूर संघ के 6 से 8 फरवरी 2026 तक पुरी (उड़ीसा) में आयोजित अधिवेशन में लिए गए निर्णय के क्रम में देशभर में विभिन्न विभागों के ज्वलंत मुद्दों को लेकर चरणबद्ध ज्ञापन कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने भी प्रदेश स्तर पर एनएचएम कार्मिकों की समस्याओं को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है। संगठन ने घोषणा की कि 25 फरवरी को पूरे उत्तर प्रदेश सहित पीलीभीत मे जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। कर्मी रैली के रूप मे जिला मुख्यालय पहुंचेगे और ज्ञापन देंगे।
स्वास्थ्य कर्मियों की प्रमुख समस्याएं
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि पीलीभीत के लगभग 700 कर्मचारी सहित प्रदेश के हजारों संविदा स्वास्थ्य कर्मी वर्षों से टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, आपातकालीन सेवाएं, संचारी रोग नियंत्रण, पोषण अभियान और कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी में अग्रिम पंक्ति में कार्य कर चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
वेतन भुगतान में लगातार देरी
– SNA-eSPARSH पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण वेतन वितरण बाधित
– 10 वर्ष से अधिक सेवा देने वाले कर्मियों के नियमितीकरण पर स्पष्ट नीति का अभाव
– समान कार्य के लिए असमान वेतन, वेतन विसंगति और वार्षिक वृद्धि का अभाव
– EPF, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा सहित सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से वंचित
– IPHS मानकों के अनुसार पर्याप्त पद सृजन नहीं
आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा असुरक्षा
मानव संसाधन नीति और श्रम कानूनों का पूर्ण पालन नहीं
स्थानांतरण नीति का अभाव
चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा
संघ ने प्रदेशव्यापी कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया—
23 फरवरी 2026 — सभी जिलों में प्रेस वार्ता
25 फरवरी 2026— जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन
26 फरवरी से 10 मार्च 2026 — सांसद और विधायक के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेजे जाएंगे
आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने स्पष्ट किया कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किए जाएंगे तथा स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित न करने का प्रयास होगा। लेकिन यदि वेतन भुगतान सहित अन्य मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा।
प्रेस वार्ता के दौरा अध्यक्ष शेर सिंह चौहान सयोजक अमरेश कुमार, डॉ पलश शर्मा, अमित कुमार गोविन्द राम उपस्थित रहे।

