पीलीभीत। परिषदीय स्कूलों में शनिवार को होली पर्व की रंगीन छटा देखने को मिली। शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने आपस में एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर उत्साहपूर्वक होली खेली। शिक्षण कार्य का अंतिम दिन होने के कारण विद्यालयों में विशेष उल्लास का माहौल रहा। अब होली अवकाश के बाद ही स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल दोबारा सुनाई देगी।
होली के महत्व पर दी गई जानकारी
कंपोजिट स्कूल कल्याणपुर नौगवां में सुबह से ही छात्र-छात्राएं होली खेलने के मूड में नजर आए। शिक्षकों ने भी बच्चों की उत्सुकता को देखते हुए पहले उन्हें होली पर्व के धार्मिक एवं सामाजिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। होली की परंपरा कब और क्यों शुरू हुई तथा इसके पीछे छिपे संदेश—बुराई पर अच्छाई की विजय और आपसी प्रेम—की जानकारी दी गई।
सावधानी के साथ मनाने की अपील
इसके बाद शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। विद्यालय प्रबंधन की ओर से बच्चों को यह भी बताया गया कि किन प्रकार के रासायनिक रंग त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं और त्योहार को सावधानीपूर्वक मनाना चाहिए।
शिक्षिका अल्पना सक्सेना ने छात्र-छात्राओं को संदेश दिया कि वे बड़ों का सम्मान करें और आपसी मनमुटाव दूर कर प्रेम और सौहार्द के साथ त्योहार मनाएं।
विद्यालय की रसोइया कमला देवी सहित अन्य स्टाफ सदस्यों ने भी एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की बधाई दी। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त शिक्षण स्टाफ उपस्थित रहा और पूरे परिसर में उत्साह और भाईचारे का वातावरण बना रहा।

