(रिंटू वर्मा)
पीलीभीत। पीलीभीत में एनएसयूआई ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया । यह प्रदर्शन विगत दिवस बनारस में अखिल भारतीय छात्र कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी द्वारा अपने साथियों के साथ मनरेगा का नाम परिवर्तन किए जाने के विरोध में किए जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया।
एनएसयूआई का आरोप है कि बनारस में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बर्बरता की गई तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी सहित कई छात्रों को अमानवीय तरीके से मारपीट कर गिरफ्तार किया गया। इसी घटना के विरोध में देशव्यापी आंदोलन के तहत पीलीभीत में भी एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा ने किया। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि उक्त घटना में संलिप्त दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए तथा प्रदेश सरकार को निर्देशित किया जाए कि संविधान द्वारा प्रदत्त शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान किया जाए।
एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन नागरिकों का मौलिक अधिकार है और इस प्रकार की पुलिस कार्रवाई संविधान व कानून का उल्लंघन है। उन्होंने प्रदेश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा, विधानसभा अध्यक्ष कमलेश राजपूत, हरीश मौर्य, मोहम्मद सदिक अल्वी उर्फ लल्ला, प्रदीप मौर्य, कुंवर सेन पासवान, मोहम्मद कामरान, मोहम्मद मुशीर, विकास कुमार, जावेद मलिक, मेहरान मलिक, ओवैस रफी, निहाल रजा, रिजवान, तस्लीम, मोहम्मद अयान सहित अनेक छात्र व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

