रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में जिले के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर जिले के सभी शिक्षक संगठन एक मंच पर आकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज करा रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।
बच्चों की जिज्ञासा बनी भावुक पल की वजह
कई विद्यालयों में उस समय भावुक और प्रेरणादायक माहौल बन गया, जब नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों की बांह पर बंधी काली पट्टी देखकर सवाल किया— “गुरुजी, आपने यह काली पट्टी क्यों बाँधी है?”
इस पर शिक्षकों ने बच्चों को बहुत ही सरल और सकारात्मक तरीके से बताया कि यह विरोध किसी के प्रति द्वेष नहीं है, बल्कि अपने अधिकारों की आवाज को शांतिपूर्ण ढंग से सरकार और समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। शिक्षकों ने बच्चों को यह भी समझाया कि लोकतंत्र में अपनी बात शालीनता से रखना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सभी विकास खंडों में हो रहा विरोध
जिले के बीसलपुर, बिलसंडा, बरखेड़ा, अमरिया, ललौरीखेड़ा, मरौरी और पूरनपुर सहित सभी विकास खंडों में ब्लॉक अध्यक्षों और ब्लॉक मंत्रियों के नेतृत्व में शिक्षक काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। इसके बावजूद शिक्षण कार्य नियमित रूप से जारी रखा जा रहा है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
चार दिवसीय अभियान कल होगा समाप्त
टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले चल रहा यह चार दिवसीय अभियान कल समाप्त होगा। इस विरोध प्रदर्शन में दयाशंकर गंगवार, उमेश गंगवार, लालकरन, बाबूराम, देवेन्द्र कन्हैया, राजेश मिश्रा, आराधना कश्यप, मो. अकरम, अंकित भारती, के.के. सागर, मियां वारसी, विमल कुमार, जितेन्द्र कुमार, संतोष पासवान, रामौतार, पंकज गंगवार, जोगेन्द्र कुमार, अमनदीप, मुकेश अवस्थी, नीरज पाल, प्रेमपाल, रामप्यारे राम सहित हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।

