पीलीभीत टाइगर रिजर्व -10 दिसंबर से पीलीभीत टाइगर रिजर्व में शुरू होगी राष्ट्रीय बाघ गणना,730 कैमरा ट्रैप लगाये जायेंगे।

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पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) और किशनपुर सेंचुरी में राष्ट्रीय बाघ गणना 10 दिसंबर से शुरू होने जा रही है। चार चरणों में होने वाली इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के तहत न केवल बाघों की संख्या का आकलन किया जाएगा, बल्कि तृणभोजी वन्यजीवों के घनत्व, हैबिटेट की स्थिति और वन क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के बदलावों का भी विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। गणना कार्य को सुचारु रूप देने के लिए एस्टीमेशन करने वाली टीमों को शनिवार को प्रशिक्षण दिया गया है। किसानपुर और पीटीआर में बाघ गणना को लेकर 730 ट्रेप कैमरा लगाये जायेंगे।

हर चार वर्ष पर होती है राष्ट्रीय बाघ गणना

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) देशभर में हर चार वर्ष पर बाघों की संख्या जानने के लिए राष्ट्रीय बाघ गणना (टाइगर एस्टीमेशन) कराता है। पिछली गणना वर्ष 2022 में हुई थी, जिसमें पीलीभीत टाइगर रिजर्व को 365 ग्रिड में बांटकर 700 से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए गए थे। इसके आधार पर रिजर्व में 72 बाघ दर्ज किए गए थे।
अब 2026 की गणना के लिए तैयारी शुरू हो चुकी है और एनटीसीए ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा जारी कर दी है।

टीमों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

पीटीआर प्रशासन 10 दिसंबर से शुरू होने वाली बाघ गणना के लिए तेजी से तैयारी में जुटा है। सभी रेंजों में एस्टीमेशन कार्य करने वाली टीमों को उप प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रताप सिंह और महोफ रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी सहेंद्र यादव प्रशिक्षण देंगे। इससे पहले वन अफसरों को प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में चार चरणों में होगी बाघ गणना

पहला चरण साइन सर्वे और घास कटाई

पहले चरण में बाघ और तेंदुए की मौजूदगी पता लगाने के लिए साइन सर्वे किया जाएगा। घनी घास हटाकर टीमें पगमार्क, स्कैट, साइटिंग और अन्य संकेतों के आधार पर बाघों की संख्या का अनुमान लगाएंगी। साथ ही शाकाहारी पशुओं के घनत्व और बाघों के हैबिटेट में बायोटेक इंटरफेयरेंस की भी जांच होगी।

दूसरा चरण  रिमोट सेंसिंग

इस चरण में सड़कों, पगडंडियों, वाटर होल्स, जंगल के भीतर रोशनी और अन्य संरचनात्मक पहलुओं का रिमोट सेंसिंग से मूल्यांकन किया जाएगा।

तीसरा और अंतिम चरण – कैमरा ट्रैपिंग

जंगल को अलग-अलग ग्रिड में बांटा जाएगा और कैमरा ट्रैप स्थापित किए जाएंगे। बाघों की पहचान उनके विशेष स्ट्राइप पैटर्न से की जाएगी, जो कैमरों में रिकॉर्ड होगी।

01 से 07 दिसंबर – रेंजर एवं फील्ड स्टाफ का प्रशिक्षण

10 दिसंबर से 05 जनवरी – लाइन ट्रांसेक्ट, साइन सर्वे और हैबिटेट सर्वे

06 से 15 जनवरी– डेटा संकलन

10 दिसंबर से 30 अप्रैल – कैमरा ट्रैपिंग

01 से 07 मई – डेटा संकलन व कंपाइलेशन

किसानपुर रेंज और PTR में लगाये जायेंगे 730 कैमरे

पीलीभीत टाइगर रिजर्व और किशनपुर में 730 ट्रैप कैमरो से बाघ की गणना की जाएगी।बाघ गणना को लेकर पूरी तैयारियां पूरी हो चुकी है।बाघों की पहचान उनके विशेष स्ट्राइप पैटर्न से की जाएगी, जो कैमरों में रिकॉर्ड होगी।

अधिकारियों का कथन

मनीष सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, का कथन पीलीभीत टाइगर रिजर्व “राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की ओर से राष्ट्रीय बाघ गणना 2026 का कार्यक्रम जारी किया गया है। इसको लेकर तैयारियां तेजी से शुरू कर दी गई हैं। एस्टीमेशन करने वाली टीमों को शुक्रवार से प्रशिक्षण दिया जाएगा।”


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