पीलीभीत। रविवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान रूस से आए सैलानी जार्ज सिडनिक को उस समय अप्रत्याशित रोमांच का अनुभव हुआ, जब घने जंगलों के बीच अचानक एक साथ तीन बाघ नजर आए। इस अद्भुत दृश्य ने उन्हें उत्साह से भर दिया और उन्होंने तुरंत इसे अपने कैमरे में कैद कर लिया।
रूसी सैलानी ने की पीटीआर की खुलकर तारीफ
सैलानी सुबह मुस्तफाबाद पहुँचे थे, जहाँ से उन्होंने सफारी बुक कर टाइगर रिजर्व की सैर की। सिडनिक ने कहा कि उन्होंने पहले कभी एक साथ तीन बाघ नहीं देखे थे। उन्होंने जंगल की शांति, हरियाली और चूका के आसपास के नजारों की तुलना गोवा से करते हुए कहा कि पीटीआर का स्वच्छ और शांत वातावरण मन को सुकून देने वाला है। उन्होंने यहाँ की प्राकृतिक झीलों, पक्षियों की आवाजों और जैवविविधता की भी सराहना की और दोबारा आने की इच्छा जताई।
विदेशों में बढ़ रही पीटीआर की पहचान
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की खूबसूरती और बेहतर प्रबंधन के कारण इसकी पहचान तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है। वर्ष 2014–15 में जहाँ मात्र 10 विदेशी पर्यटक आए थे, वहीं 2024–25 में यह आंकड़ा बढ़कर 452 पहुँचा—यानी दस साल में 45 गुना वृद्धि दर्ज हुई।
वन विभाग ने बताई बढ़ती लोकप्रियता की वजह
वन विभाग के अनुसार बाघों की बढ़ती संख्या, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, आधुनिक सफारी सुविधाएँ और प्राकृतिक सुंदरता विदेशी सैलानियों को आकर्षित कर रही हैं। यही कारण है कि पीटीआर अब उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि एशिया के प्रमुख टाइगर टूरिज्म सर्किट में अपनी खास पहचान बना चुका है।

