(रिंटू वर्मा)
पीलीभीत। बिजनौर के जंगल में मां से बिछुड़ा हथिनी का मासूम बच्चा अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व की शोभा बढ़ाएगा,शासन के निर्देश के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन ने उसके स्थानांतरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यहां वह चार अन्य हाथियों के साथ सुरक्षित माहौल में रहेगा और विशेषज्ञों की देखरेख में उसका पालन-पोषण किया जाएगा।
मां ने नहीं अपनाया, वन विभाग ने की हर संभव कोशिश
बिजनौर की बढ़ावरपुर वन रेंज की रामजीवाला बीट में दिसंबर माह में हथिनी ने एक मादा बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के कुछ समय बाद हथिनी उसे छोड़कर जंगल में चली गई। वन विभाग की टीम ने हथिनी और उसके बच्चे को मिलाने के कई प्रयास किए, लेकिन हथिनी ने बच्चे को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद बच्चे की सुरक्षा और भविष्य को लेकर वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मिलेगा सुरक्षित संरक्षण
हाथी के नन्हे बच्चे के बेहतर संरक्षण, पोषण और प्राकृतिक विकास को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर उसे पीलीभीत टाइगर रिजर्व भेजने का निर्णय लिया गया। पीटीआर में पहले से मौजूद चार हाथियों के साथ रहकर यह नन्हा हाथी प्राकृतिक वातावरण में ढल सकेगा। विशेषज्ञों की निगरानी में उसके स्वास्थ्य, भोजन और देखभाल की समुचित व्यवस्था की गई है।
संरक्षण की दिशा में अहम कदम
वन अधिकारियों के अनुसार, पीलीभीत टाइगर रिजर्व हाथी के बच्चे के लिए सुरक्षित और अनुकूल स्थल है। यहां उसे न सिर्फ संरक्षण मिलेगा, बल्कि प्राकृतिक जीवन जीने का अवसर भी मिलेगा। यह कदम वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

