(रिंटू वर्मा)
पीलीभीत। उत्तरप्रदेश के बिजनौर से लाई गई नन्ही हथिनी ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व के माला जंगल में सुरक्षित रूप से कदम रख लिया है। पीटीआर प्रशासन ने नन्ही हथिनी का गर्मजोशी से स्वागत किया। उसके आगमन से जंगल में एक नई रौनक देखने को मिल रही है और अब बाघों व अन्य वन्यजीवों के साथ-साथ सैलानियों को नन्ही हथिनी की मासूम अठखेलियां भी देखने को मिलेंगी।
ठंड से बचाव के लिए विशेष इंतजाम
पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन ने नन्ही हथिनी की देखभाल के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। ठंड के चलते उसे फिलहाल बंद और सुरक्षित कमरे में रखा गया है। भूख लगने पर उसे लैक्टोजीन तरल आहार दिया जा रहा है। साथ ही, उसके लिए एक बड़ा बाड़ा तैयार किया जा रहा है ताकि वह खुले में घूम-फिर सके। कुछ समय बाद नन्ही हथिनी को एक मादा हाथी के साथ रखा जाएगा, जिससे उसका प्राकृतिक विकास हो सके।
मां से बिछुड़ी हथिनी को मिला नया आशियाना
बिजनौर के बढ़ावरपुर वन रेंज की रामजीवाला बीट में दिसंबर माह में एक हथिनी ने मादा शावक को जन्म दिया था। जन्म के कुछ समय बाद हथिनी बच्चे को छोड़कर जंगल में चली गई। वन विभाग की टीम ने मां और बच्चे को मिलाने के कई प्रयास किए, लेकिन हथिनी ने बच्चे को स्वीकार नहीं किया। ऐसे में शावक की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई।
शासन के निर्देश पर किया गया स्थानांतरण
शासन के निर्देश के बाद नन्ही हथिनी के सुरक्षित पालन-पोषण के लिए उसे पीलीभीत टाइगर रिजर्व स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। शुक्रवार को उसे माला जंगल में उतारा गया, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उसकी देखरेख की जा रही है। यहां वह अन्य हाथियों के साथ सुरक्षित माहौल में रहकर स्वस्थ रूप से बड़ी होगी।
नन्ही हथिनी के आगमन से पीलीभीत टाइगर रिजर्व की शोभा और भी बढ़ गई है, वहीं सैलानियों के लिए यह एक नया आकर्षण बनकर सामने आई है।

