पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के वेटलैंड्स एक बार फिर वन्यजीवों के लिए आदर्श आवास साबित हुए हैं। जल स्वच्छता पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर चुके मुंबई के जल विशेषज्ञ द्वारा की गई जांच में इस क्षेत्र के जलाशयों का पानी पूरी तरह मानकों के अनुरूप पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार पीलीभीत टाइगर रिजर्व के वेटलैंड्स का पानी दुधवा टाइगर रिजर्व के मुकाबले अधिक शुद्ध और सुरक्षित है।
जंगल में पानी की भरपूर उपलब्धता बनी वन्यजीवों की ताकत
पीलीभीत टाइगर रिजर्व तेजी देश के प्रमुख टाइगर रिजर्वों की श्रेणी में शामिल होता जा रहा है। पांच रेंजों में विभाजित इस जंगल में बाघ, तेंदुए व अन्य वन्यजीवों की संख्या लगातार बढ़ रही है। टाइगर रिजर्व में मौजूद 31 सोलर पंप आधारित जलाशय,10 प्राकृतिक जल स्रोत,25 छोटे-बड़े तालाब,वन्यजीवों के लिए सालभर जल उपलब्ध कराते हैं। जांच रिपोर्ट ने भी पुष्टि की है कि ये वेटलैंड्स न सिर्फ पर्यावरणीय रूप से अनुकूल हैं बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सुरक्षित हैं।
जांच में आयरन, आर्सेनिक व फ्लोराइड की मात्रा संतुलित
आईआईटी मुंबई के इंजीनियर और जल विशेषज्ञ यतेंद्र अग्रवाल ने हाल ही में टाइगर रिजर्व के कई जलाशयों का सैंपल लेकर आधुनिक तकनीक से इसकी जांच की। परीक्षण में पानी में मौजूद आयरन, आर्सेनिक, फ्लोराइड समेत अन्य रासायनिक तत्व संतुलित पाए गए, जबकि पीएच लेवल भी मानकों के दायरे में मिला।यतेंद्र अग्रवाल ने बताया कि उनकी जांच के मुताबिक पीलीभीत टाइगर रिजर्व के वेटलैंड्स, दुधवा रिजर्व से भी अधिक बेहतर स्थिति में हैं। उन्होंने डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह से मुलाकात कर रिपोर्ट सौंपी और संरक्षण कार्यों की सराहना भी की।
वनकर्मियों को भेंट की सोलर लाइटें
वन्यजीव संरक्षण में रुचि रखने वाले यतेंद्र अग्रवाल ने अपने दौरे के दौरान फील्ड स्टाफ को निशुल्क सोलर लाइटें भी उपलब्ध कराईं, जिससे रात्रिकालीन गश्त में उनकी मदद होगा।

