(रिंटू वर्मा)
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का लुफ्त उठाने के लिए आने वाले सैलानियों को अब पहले की अपेक्षा 9 फरवरी से अधिक खर्च करना पड़ेगा। टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन की बैठक में पारित प्रस्तावों को शासन से मंजूरी मिलने के बाद सैलानियों और वाहनों के प्रवेश शुल्क में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। इसके साथ ही पार्किंग शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत वीकडेज और वीकेंड पर अलग-अलग शुल्क लागू होने जा रहा है। 
बढ़ते पर्यटन से बना देश-दुनिया में नाम
पीलीभीत टाइगर रिजर्व बाघों सहित अन्य वन्यजीव की बढ़ती आबादी के चलते देश-दुनिया में पहचान बना चुका है। अंतरराष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित पीटीआर में हर साल पर्यटन सत्र के दौरान सैलानियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बीते सत्र में विदेशी सैलानियों की आमद ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। इस बार भी पर्यटन सत्र 2025 26 को लेकर कयास लगाये जा रहे हैं कि इस बार पीलीभीत टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटक को लेकर रिकॉर्ड कायम करेगा।
तीसरे पर्यटन गेट की शुरुआत, बढ़ी सुविधाएं
सैलानियों की सुविधा को देखते हुए इस पर्यटन सत्र में तीसरा बराही पर्यटन गेट भी खोल दिया गया है। अब सैलानी महोफ (गेट नंबर-1), मुस्तफाबाद और बराही पर्यटन गेट से टाइगर रिजर्व में प्रवेश कर सकेंगे। प्रशासन द्वारा 80 से अधिक सफारी वाहनों की व्यवस्था की गई है, जिनके माध्यम से सैलानी चूका बीच, सप्त सरोवर सहित अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंचते हैं।
9 फरवरी से लागू होंगी नई दरें
गत वर्ष 1 नवंबर को वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में हुई टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन की बैठक में शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। अब शासन की मंजूरी के बाद आगामी 9 फरवरी से संशोधित दरें लागू होंगी। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है।
नई शुल्क दरें इस प्रकार होंगी
- प्रवेश शुल्क (प्रति सैलानी)
- वीकडेज (सोमवार–शुक्रवार): ₹120
- वीकेंड (शुक्रवार–शनिवार): ₹150
- स्थानीय स्कूलों के बच्चों के लिए प्रवेश निःशुल्क (अनुरोध पत्र आवश्यक)
- सफारी वाहन (जिप्सी/जीनॉन)
- वीकडेज: ₹400
- वीकेंड: ₹600
- (पहले ₹300 थे)
- पार्किंग शुल्क (कार/जीप आदि)
- वीकडेज: ₹200
- वीकेंड: ₹300
- (पहले ₹100 थे)
“पीटीआर के पर्यटन सत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ सैलानियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब संशोधित दरों पर शुल्क वसूला जाएगा।”
— मनीष सिंह, पीलीभीत टाइगर रिजर्व

