(अधिवक्ता अंशुल गौरव सिंह विधिक संवाददाता)
पीलीभीत। विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष सहित संगठन के कई पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर को सौंपा। ज्ञापन में जनपद के नकटादाना क्षेत्र से सटी कथित अवैध कॉलोनियों—स्थानीय तौर पर “केजीएन कॉलोनी” (केजीएन फेस-1 एवं फेस-2) तथा पिंक सिटि के विकास को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि बीते वर्षों में नकटादाना से लेकर आवास विकास एवं कलेक्ट्रेट क्षेत्र के आसपास संगठित रूप से अवैध बसावट का विस्तार किया गया है। आरोप है कि संबंधित कॉलोनियों का विकास नफीस अहमद अंसारी द्वारा कराया गया, जो राजनीतिक संरक्षण का दावा करता है। संगठन का कहना है कि पूर्व में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में संबंधित व्यक्ति जेल भी जा चुका है, इसके बावजूद वह प्रशासन पर प्रभाव होने की बात प्रचारित करता है।
संगठन ने आरोप लगाया कि अवैध विस्तार के लिए राजस्व अभिलेखों—खसरा-खतौनी—में कूटरचना कराई गई है। एक सिख परिवार की भूमि से जुड़े वैधानिक सौदे के संदर्भ में फर्जी खसरा तैयार किए जाने की सूचना व दस्तावेज उपलब्ध होने का दावा किया गया है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बिना राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत के इस प्रकार की अनियमितताएं संभव नहीं हैं, जिससे प्रशासनिक निष्पक्षता पर प्रश्न खड़े होते हैं।
कलेक्ट्रेट जैसे संवेदनशील शासकीय क्षेत्र के आसपास अनियंत्रित एवं अवैध शहरी विस्तार को कानून-व्यवस्था, सामाजिक समरसता और प्रशासनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से चिंताजनक बताया गया। संगठन ने मांग की कि नकटादाना, केजीएन फेस-1, फेस-2, पिंक सिटी तथा कलेक्ट्रेट क्षेत्र के आसपास विकसित सभी संदिग्ध कॉलोनियों की राजस्व व प्रशासनिक जांच कराई जाए।
साथ ही संबंधित भूमि के खसरा-खतौनी, नक्शा, चकबंदी और रजिस्ट्री अभिलेखों का विशेष ऑडिट कराने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने में संलिप्त राजस्व कर्मियों, लेखपालों व अन्य अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय व विधिक कार्रवाई करने, सरकारी या विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण, बिक्री या हस्तांतरण पर तत्काल रोक लगाने तथा कलेक्ट्रेट के आसपास अवैध बसावट रोकने के लिए विशेष निगरानी तंत्र गठित करने की मांग की गई। संगठन ने स्टॉप चोरी से जुड़े मामलों की जांच कराने की भी मांग उठाई।
ज्ञापन में कहा गया कि यह मामला केवल राजस्व अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक साख, कानून-व्यवस्था और जनपद की सामाजिक संरचना से सीधे जुड़ा है। इस पर त्वरित संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई।
नगर मजिस्ट्रेट ने दिए जाँच के आदेश
विश्व हिन्दू महासंघ से ज्ञापन मिलने के बाद नगर मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह सब रजिस्ट्रार को जाँच करने के आदेश जारी कर दिए है।

