पीलीभीत। कस्बा बिलसंडा में मिशन शक्ति अभियान फेज 5.0 के अन्तर्गत जिला अधिकारी के आदेश पर एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी के निर्देशन में ऑपरेशन मुक्ती अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान मैकेनिक शॉप, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, कपड़ों की दुकानों, किराना स्टोर एवं स्टील वर्क्स आदि प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर कुल 05 बाल श्रमिकों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया।
माता-पिता और मालिकों को चेतावनी, शिक्षा पर बल
अभियान टीम ने बाल श्रम कराने वाले मालिकों, माता-पिता एवं अभिभावकों को सख्त चेतावनी देते हुए बताया कि 18 वर्ष की आयु तक बच्चों को विद्यालय भेजना आवश्यक है।
अधिकारियों ने समझाया कि शिक्षित होने पर ही बच्चा भविष्य में स्वावलंबी होकर सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सकेगा।
बाल सेवा एवं स्पॉन्सरशिप योजना की जानकारी
ऑपरेशन के दौरान जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है, उन्हें बाल सेवा योजना एवं स्पॉन्सरशिप योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। एक बालक को बाल सेवा योजना हेतु चिन्हित भी किया गया।
बाल कल्याण समिति के समक्ष वर्चुअल प्रस्तुति
अभियान के दौरान मुक्त कराए गए सभी 05 बाल श्रमिकों को वर्चुअल माध्यम से बाल कल्याण समिति, पीलीभीत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति ने सभी बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया।
बाल श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान
बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 के तहत
- खतरनाक प्रक्रिया में दोषी पाए जाने पर सेवायोजक को एक वर्ष तक की सजा या 50,000 रुपये तक का जुर्माना, अथवा दोनों हो सकते हैं।
- प्रत्येक बाल श्रमिक पर सेवायोजक से 20,000 रुपये चाइल्ड लेबर वेलफेयर फंड में जमा कराया जाएगा।
चेतावनी के बाद भी यदि कोई माता-पिता पुनः बच्चों को काम में लगाते पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त दल की महत्वपूर्ण भूमिका
अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी भूरे लाल, संरक्षण अधिकारी रमनदीप कौर, चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक निर्वाण सिंह, थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग प्रभारी निरीक्षक गोविंद सिंह, अमित कुमार एवं मनीष कुमार की सक्रिय भूमिका रही।

