पीलीभीत : जनपद पीलीभीत में किसानों की लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों के बाद जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने सोमवार को पूरनपुर मंडी समिति का औचक निरीक्षण किया। धान खरीद प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों और अनियमितताओं को समझने के लिए डीएम ने सीधे किसानों से बातचीत की और वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। मंडी में पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले क्रय केंद्रों की व्यवस्था और धान खरीद की प्रगति की जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों ने डीएम से अपनी समस्याएं साझा कीं। किसानों ने बताया कि उनका धान 7 से 15 दिनों से मंडी में ढेरों के रूप में पड़ा हुआ है, लेकिन क्रय केंद्रों के कर्मचारी खरीद प्रक्रिया में लापरवाही बरत रहे हैं। किसानों ने कहा कि कई बार अनुरोध करने के बावजूद उनके धान की तौल और खरीद नहीं की जा रही, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से मंडी में धान पड़ा रहने से उसके खराब होने का भी खतरा बढ़ गया है, जिसको लेकर किसान विशेष रूप से चिंतित दिखे।
किसानों की शिकायतें सुनकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद डिप्टी ए.आर.एम.ओ. सहित संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडी में इंतजार कर रहे हर किसान का धान प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाए और किसी किसान को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धान खरीद की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। यदि भविष्य में ऐसी शिकायतें दोहराई गईं तो संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों पर किसानों को लाइन में लगाने, तौल की व्यवस्था करने और बोरे उपलब्ध कराने जैसी सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से संचालित की जाएं।
जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से किसानों में जहां राहत का भाव दिखा, वहीं प्रशासनिक अमले में भी हलचल मच गई। किसानों ने उम्मीद जताई कि डीएम के हस्तक्षेप के बाद अब धान खरीद की प्रक्रिया तेज़ होगी और उन्हें समय से भुगतान सहित सभी सुविधाएं मिल सकेंगी।


