पीलीभीत।
पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक बाबूराम पासवान को एक मामूली सड़क हादसे के बाद मुआवजा मांगना भारी पड़ गया। विधायक की गाड़ी और एक ई-रिक्शा के बीच हुई हल्की टक्कर के बाद मुआवजे को लेकर शुरू हुआ विवाद उस समय सुर्खियों में आ गया जब मौके पर मौजूद भीड़ ने विधायक की गाड़ी को घेर लिया। भीड़ ने न केवल उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई बल्कि मौके पर ही चंदा जुटाकर चार हजार रुपये देकर विधायक की फजीहत कर दी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
घटना का विवरण
घटना पीलीभीत-शाहजहांपुर मार्ग की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार भाजपा विधायक बाबूराम पासवान की स्कॉर्पियो कार की टक्कर खीरी जनपद निवासी ई-रिक्शा चालक छत्रपाल के रिक्शे से हो गई। टक्कर के बाद विधायक और उनके समर्थक नाराज हो गए और ई-रिक्शा चालक को रोक लिया। आरोप है कि विधायक पक्ष ने ई-रिक्शा चालक से गाड़ी के टूटे बैक इंडिकेटर के नुकसान का मुआवजा मांगते हुए ₹4000 देने का दबाव बनाया।ई-रिक्शा चालक बार-बार अपनी गलती से इंकार करता रहा और माफी मांगता रहा, लेकिन विधायक और उनके समर्थक मुआवजे की जिद पर अड़े रहे। इसी बीच सड़क किनारे मौजूद लोगों की भीड़ बढ़ने लगी और देखते ही देखते माहौल बदल गया। लोगों ने विधायक की गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया और उनके व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई।
जनता ने चंदा जुटाकर दी रकम
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने कहा कि गरीब ई-रिक्शा चालक से मुआवजा मांगना और उसे धमकाना एक जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता। इसी बीच कुछ लोगों ने मौके पर ही ₹4000 का चंदा इकट्ठा किया और विधायक को सौंपते हुए व्यंग्य में कहा कि “अब नुकसान की भरपाई हो गई।” यह दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों के कैमरों में कैद हो गया और कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वायरल वीडियो पर विधायक की सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद विधायक बाबूराम पासवान ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने किसी को धमकाया नहीं था, बल्कि उनके साथ मौजूद कुछ समर्थकों ने ई-रिक्शा चालक से बहस कर ली थी। हालांकि जनता के विरोध और वायरल वीडियो के चलते यह मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

