रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने और विद्यालयों में शैक्षिक माहौल मजबूत करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन जनपद पीलीभीत के अमरिया विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। जानकारी के अनुसार यहां एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या महज पांच है, जबकि उन्हें पढ़ाने के लिए तीन शिक्षक तैनात हैं। यानी औसतन एक शिक्षक के जिम्मे दो से भी कम बच्चे हैं।
अमरिया विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गुलड़िया विथरा में वर्तमान में मिली जानकारी के अनुसार कुल पांच बच्चों का नामांकन बताया जा रहा है। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए विद्यालय में दो अध्यापक और एक शिक्षामित्र, यानी कुल तीन शिक्षक तैनात हैं। ऐसे में छात्र संख्या और शिक्षकों की तैनाती के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
पांच बच्चों पर तीन शिक्षक, व्यवस्था पर उठे सवाल
विद्यालय में पांच बच्चों के मुकाबले तीन शिक्षकों की तैनाती होने से शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। सामान्य तौर पर विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की तैनाती और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया जाता है। ऐसे में इतने कम विद्यार्थियों वाले विद्यालय में तीन शिक्षकों की तैनाती व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को सामने लाती है।
बच्चों की संख्या बढ़ाना बनी चुनौती
प्राथमिक विद्यालय गुलड़िया विथरा में नामांकन की बेहद कम संख्या शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन के सामने भी चुनौती है। विद्यालयों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से तमाम अभियान चलाए जाते हैं। इसके बावजूद यदि किसी विद्यालय में छात्र संख्या घटकर महज पांच रह गई है तो इसके कारणों की पड़ताल करना जरूरी हो जाता है।
स्थानीय स्तर पर अभिभावकों को विद्यालय से जोड़ने, बच्चों का नियमित नामांकन कराने और सरकारी स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए भी यह मामला समीक्षा का विषय बन सकता है कि विद्यालय में छात्र संख्या इतनी कम क्यों है और इसे बढ़ाने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
अधिकारी बोले—मामले की कराई जाएगी जांच
मामले को लेकर खंड शिक्षाधिकारी अनुराग कुमार मिश्रा ने बताया कि विद्यालय की स्थिति को लेकर जांच की जाएगी। वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद इसकी जांच कराई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि जांच में विद्यालय में महज पांच बच्चों के नामांकन और तीन शिक्षकों की तैनाती की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और शिक्षा विभाग छात्र संख्या बढ़ाने को लेकर क्या कदम उठाता है।

