रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। बेसिक शिक्षा भवन में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों एवं बालवाटिकाओं के स्टेक होल्डर्स के पांच दिवसीय जिला स्तरीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण के पांचवें दिन ईसीसीई एजुकेटरों के दो दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हुआ। समापन जिला समन्वयक गुणवत्ता एवं प्रशिक्षण जितेंद्र कुमार ने किया।
इस अवसर पर जितेंद्र कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षा के जो तौर-तरीके और गतिविधियां बताई गई हैं, उन्हें संबंधित केंद्रों और विद्यालयों में जाकर धरातल पर लागू किया जाए। तभी प्रशिक्षण की सार्थकता साबित होगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान वह यह भी देखेंगे कि प्रशिक्षण में सीखी गतिविधियों का कितना प्रभावी ढंग से प्रयोग किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का सहजता से समाधान किया गया। जिले के सभी विकास खंडों में स्थापित बालवाटिकाओं में तैनात ईसीसीई एजुकेटरों ने दो दिनों तक विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया और आदर्श बालवाटिका स्थापित करने का संकल्प लिया।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन सौंदर्यबोध विकास, शारीरिक विकास और संज्ञानात्मक विकास से संबंधित गतिविधियों का प्रदर्शन कराया गया। साथ ही बच्चों के आकलन के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण एनसीईआरटी द्वारा डिजाइन किया गया **‘जादुई पिटारा’** रहा। बताया गया कि इसका प्रयोग बालवाटिका के साथ-साथ कक्षा एक और दो के बच्चों के शिक्षण में भी किया जा सकेगा। जल्द ही विद्यालयों में ‘जादुई पिटारा’ उपलब्ध कराया जाएगा।
समापन अवसर पर जिला समन्वयक गुणवत्ता एवं प्रशिक्षण जितेंद्र कुमार ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर एसआरजी वैभव जैसवार, मास्टर ट्रेनर नोडल एआरपी शुभम सक्सेना, नोडल संकुल अमनदीप सिंह और तकनीकी सहायक एसआरजी अमित पाठक का विशेष सहयोग रहा।
इस दौरान सरिता, रीना कुमारी, प्राची गंगवार, अनीता जैसवार, हर्ष, मयंक, आकांक्षा, फिजा, डेजी कौर समेत अन्य ईसीसीई एजुकेटर उपस्थित रहे।

