रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। भीषण गर्मी और संभावित हीट वेव को देखते हुए मेडिकल कॉलेज पीलीभीत प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने कॉलेज परिसर में बनाए गए हीट वेव वार्ड का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को परखा और अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
10 बेड की विशेष व्यवस्था
हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का विशेष वार्ड तैयार किया गया है। वार्ड में मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि गर्मी से प्रभावित लोगों को तुरंत उपचार मिल सके।
तीन पालियों में कर्मचारियों की ड्यूटी
वार्ड के सुचारु संचालन के लिए कर्मचारियों की तीन पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक पाली में तीन वार्ड बॉय और एक सफाई कर्मचारी की तैनाती की गई है, जिससे मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
वार्ड में उपलब्ध हैं जरूरी संसाधन
हीट वेव वार्ड में आइस पैक, ओआरएस घोल तथा ठंडे सलाइन की व्यवस्था की गई है। इसके लिए एक फ्रिज में सलाइन सुरक्षित रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
निर्माणाधीन नर्सिंग भवन का भी किया निरीक्षण
प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने आईटीआई के समीप निर्माणाधीन नर्सिंग भवन का भी निरीक्षण किया। बताया जा रहा है कि इस भवन में भविष्य में क्रिटिकल केयर और नर्सिंग के छात्र-छात्राएं अध्ययन करेंगे। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली गई।
इमरजेंसी वार्ड पहुंचकर मरीजों की जानकारी ली
मेडिकल कॉलेज पहुंचीं प्राचार्या ने इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद चिकित्सकों से भर्ती मरीजों की स्थिति और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रदेशभर के अस्पताल अलर्ट मोड पर
हीट वेव की आशंका को देखते हुए पूरे प्रदेश के अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भीषण गर्मी से निपटने के लिए सभी चिकित्सा इकाइयों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
गर्भवती महिलाओं और नवजातों पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हीट वेव से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को सबसे अधिक खतरा है। इसी कारण स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट मोड पर रखते हुए इनके उपचार और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
अस्पतालों में कोल्ड रूम अनिवार्य
निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी अस्पतालों में कोल्ड रूम की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस वर्ष तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक और कई क्षेत्रों में 5 से 8 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिससे हीट स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

