विश्व मलेरिया दिवस: जागरूकता और बचाव से हराएंगे मलेरिया

Share Also

रिंटू वर्मा…

पीलीभीत। हर वर्ष 25 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व मलेरिया दिवस मलेरिया जैसे रोकथाम योग्य और उपचार योग्य रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देशों में मलेरिया आज भी एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है।

क्या है मलेरिया और कैसे फैलता है?

मलेरिया एक गंभीर संक्रामक रोग है, जो प्लाज्मोडियम परजीवी के कारण होता है। यह संक्रमित मादा एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलता है। परजीवी शरीर में प्रवेश कर पहले लिवर में विकसित होता है और बाद में लाल रक्त कणिकाओं को संक्रमित करता है।

मलेरिया के प्रमुख लक्षण

मच्छर के काटने के 10 से 15 दिनों के भीतर इसके लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें तेज बुखार, ठंड लगना, अधिक पसीना आना, सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, मतली और उल्टी शामिल हैं। गंभीर स्थिति में बेहोशी, दौरे, एनीमिया और अन्य अंगों पर असर पड़ सकता है।

किन लोगों को अधिक खतरा

5 वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच रखने वाले व्यक्तियों को इस रोग का अधिक खतरा रहता है।

बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय

मलेरिया से बचाव के लिए कीटनाशक युक्त मच्छरदानी का उपयोग करें, मच्छर रोधी क्रीम लगाएं, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और घरों में जाली लगवाएं। साथ ही घर और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, गमले और टायरों की नियमित सफाई करें।

समय पर जांच और उपचार जरूरी

बुखार आने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें और रक्त जांच अवश्य कराएं। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का पूरा कोर्स लेने से मलेरिया पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उपचार में देरी होने पर यह रोग मस्तिष्क, गुर्दे और अन्य अंगों को प्रभावित कर सकता है।

विशेषज्ञों ने की जनभागीदारी की अपील

प्रो. डॉ. अरुण सिंह ने कहा कि मलेरिया की रोकथाम में जनभागीदारी बेहद जरूरी है। यदि लोग स्वच्छता रखें, जलभराव रोकें और मच्छरदानी का उपयोग करें तो रोग के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है।

प्राचार्या ने दिया सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश

मेडिकल कॉलेज पीलीभीत की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने कहा कि मलेरिया उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। जागरूकता, स्वच्छता और समय पर उपचार इसके खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार हैं।

भारत का मलेरिया मुक्त लक्ष्य

भारत ने राष्ट्रीय कार्यक्रमों, मजबूत निगरानी प्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से मलेरिया नियंत्रण में उल्लेखनीय प्रगति की है। आने वाले वर्षों में मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है।


Share Also

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *