पीलीभीत। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आह्वान पर रविवार को अमरिया के जश्न पैलेस में आयोजित पीडीए पंचायत एवं जनसंवाद कार्यक्रम में पार्टी की सियासी सक्रियता और संगठनात्मक ताकत दिखाई दी। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधानसभा क्षेत्र 127 से सपा के संभावित प्रत्याशी अनीस अहमद खां उर्फ फूलबाबू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक जुटे। ढोल-नगाड़ों के बीच फूलबाबू का जोरदार स्वागत किया गया। जोशीले नारों से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा। इसे विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के लिहाज से सपा की अहम राजनीतिक शुरुआत के तौर पर देखा गया।
सामाजिक न्याय और पीडीए की भागीदारी पर मंथन
पीडीए पंचायत में सामाजिक न्याय, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज की राजनीतिक भागीदारी, संगठन की मजबूती और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव पहुंचकर जनता से संवाद बढ़ाने और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां उर्फ फूलबाबू ने कहा कि जनता के साथ उनका रिश्ता केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि लगातार जनता के बीच रहकर उनके दुख-दर्द, उम्मीदों और समस्याओं को समझना ही उनकी राजनीति की ताकत है। कार्यकर्ताओं से उन्होंने गांवों में लगातार संपर्क करने और लोगों से गुफ्तगू कर संगठन को मजबूत करने की अपील की।
हर बूथ पर मजबूत संगठन का दिया संदेश
फूलबाबू ने कहा कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव दूर नहीं है। इसके लिए अभी से गंभीरता के साथ तैयारी करनी होगी। हर बूथ पर मजबूत संगठन, हर गांव में सक्रिय कार्यकर्ता और हर वर्ग से निरंतर संवाद पार्टी की चुनावी ताकत को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के विचारों, पीडीए एकता और सामाजिक न्याय के संदेश को बैठकों तक सीमित न रखकर गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना होगा।
उन्होंने कहा कि पीडीए केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि समाज के उन वर्गों की भागीदारी और सम्मान की आवाज है, जिन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था में बराबर हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। सभी वर्गों को साथ लेकर ही मजबूत और समावेशी राजनीतिक ताकत तैयार की जा सकती है।
चुनाव आयोग और बुलडोजर नीति पर साधा निशाना
पूर्व मंत्री ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोपरि है। चुनाव प्रक्रिया और जनता के मत पर भरोसा कायम रहना लोकतंत्र के लिए जरूरी है।
उन्होंने प्रदेश सरकार की कथित बुलडोजर नीति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कानून का राज सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए। किसी भी कार्रवाई में संवैधानिक मर्यादाओं और न्यायिक प्रक्रिया का पालन जरूरी है। उन्होंने ऐसी राजनीति को सामाजिक सौहार्द, लोकतांत्रिक माहौल और विकास के लिए घातक बताया।
चुनावी मौसम का इंतजार नहीं करना है’
फूलबाबू ने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनावी मौसम का इंतजार करने के बजाय अभी से जनता के बीच रहकर 2027 की जमीन तैयार करनी होगी। गांव की चौपाल से लेकर बूथ तक संगठन की आवाज मजबूत होनी चाहिए और जनता के मुद्दों को पार्टी की प्राथमिकताओं से जोड़कर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के विश्वास से वर्ष 2027 में अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।
सिख संगत और सेवानिवृत्त फौजियों की रही भागीदारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजवादी नेता एवं चिंतक अजय शम्सा एडवोकेट ने की। विशिष्ट अतिथियों में सपा के राष्ट्रीय सचिव कुलदीप सिंह भुल्लर, वरिष्ठ सपा नेता राममूर्ति सिंह गंगवार, प्रदेश सचिव आनंद सिंह यादव, प्रदेश सचिव असलम जावेद अंसारी, जिला प्रवक्ता अमित पाठक एडवोकेट और जिला उपाध्यक्ष बालक राम सागर मौजूद रहे।पीडीए पंचायत में सिख संगत के साथ बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त फौजियों ने भी सहभागिता की। उनकी मौजूदगी से कार्यक्रम में सामाजिक भागीदारी का संदेश दिखाई दिया।कार्यक्रम का संयुक्त रूप से संचालन जिला उपाध्यक्ष कांशीराम सरोज और राजेश शुक्ला ने किया।
अमरिया से संगठन को मजबूत करने का संदेश
अमरिया में आयोजित पंचायत विधानसभा क्षेत्र 127 में सपा की बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। कार्यक्रम में जहां पीडीए के सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की कवायद दिखाई दी, वहीं फूलबाबू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी मौजूदगी ने संगठन की सक्रियता का संदेश दिया। अमरिया की इस पंचायत से साफ संकेत मिला कि सपा ने 2027 की तैयारियों को बैठकों से आगे बढ़ाकर जमीनी संपर्क, जनसंवाद और बूथ स्तर के संगठन पर केंद्रित करना शुरू कर दिया है।

