रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को न्यायिक मामलों के त्वरित और आपसी सुलह-समझौते से निस्तारण की बड़ी पहल देखने को मिली। दीवानी न्यायालय परिसर पीलीभीत, ग्राम न्यायालय पूरनपुर और वाह्य न्यायालय बीसलपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के 2,13,960 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल 11 करोड़ 5 लाख 8 हजार 299 रुपये की धनराशि के समझौते कराए गए।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पत्र के अनुपालन में आयोजित लोक अदालत का शुभारंभ सुबह 10 बजे हुआ और शाम पांच बजे तक न्यायिक प्रक्रिया चली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश के निर्देशानुसार आयोजित लोक अदालत में बड़ी संख्या में वादकारियों ने पहुंचकर अपने मामलों का निस्तारण कराया।
3,955 लंबित मुकदमों समेत बैंक और श्रम विवाद भी निपटे
लोक अदालत में जनपद न्यायालय पीलीभीत में लंबित 3,955 वादों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा बैंक ऋण से संबंधित 965, श्रम वाद के 167 तथा उपभोक्ता फोरम से संबंधित 10 मामलों समेत अन्य प्रकृति के मामलों का भी समझौते के आधार पर निस्तारण हुआ।
टूटते रिश्तों में फिर लौटी खुशियां
राष्ट्रीय लोक अदालत का सबसे भावुक पहलू पारिवारिक विवादों का समाधान रहा। परिवार न्यायालय के प्रयास से 20 वैवाहिक जोड़ों का पुनर्मिलन कराया गया। वहीं लोक अदालत के दौरान 12 दंपती फिर एक-दूजे के हो गए। लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों को भुलाकर पति-पत्नी ने साथ रहने पर सहमति जताई।
न्यायिक अधिकारियों ने दी सुखी जीवन की शुभकामनाएं
पुनर्मिलन के बाद दंपतियों को परिवार न्यायालय से हंसी-खुशी विदा किया गया। इस दौरान जिला जज समेत अन्य न्यायिक अधिकारियों ने नवसुलह किए दंपतियों को सदा खुश रहने, आपसी प्रेम और विश्वास के साथ वैवाहिक जीवन बिताने का आशीर्वाद दिया। अदालत से साथ-साथ बाहर निकलते दंपतियों के चेहरों पर लंबे समय बाद लौटी खुशी साफ दिखाई दी।
जिला जज समेत न्यायिक अधिकारियों ने दंपतियों को दिया सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद, 11.05 करोड़ रुपये के समझौते
पीलीभीत। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को न्यायिक मामलों के त्वरित और आपसी सुलह-समझौते से निस्तारण की बड़ी पहल देखने को मिली। दीवानी न्यायालय परिसर पीलीभीत, ग्राम न्यायालय पूरनपुर और वाह्य न्यायालय बीसलपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के 2,13,960 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल 11 करोड़ 5 लाख 8 हजार 299 रुपये की धनराशि के समझौते कराए गए।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पत्र के अनुपालन में आयोजित लोक अदालत का शुभारंभ सुबह 10 बजे हुआ और शाम पांच बजे तक न्यायिक प्रक्रिया चली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश के निर्देशानुसार आयोजित लोक अदालत में बड़ी संख्या में वादकारियों ने पहुंचकर अपने मामलों का निस्तारण कराया।
3,955 लंबित मुकदमों समेत बैंक और श्रम विवाद भी निपटे
लोक अदालत में जनपद न्यायालय पीलीभीत में लंबित 3,955 वादों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा बैंक ऋण से संबंधित 965, श्रम वाद के 167 तथा उपभोक्ता फोरम से संबंधित 10 मामलों समेत अन्य प्रकृति के मामलों का भी समझौते के आधार पर निस्तारण हुआ।
टूटते रिश्तों में फिर लौटी खुशियां
राष्ट्रीय लोक अदालत का सबसे भावुक पहलू पारिवारिक विवादों का समाधान रहा। परिवार न्यायालय के प्रयास से 20 वैवाहिक जोड़ों का पुनर्मिलन कराया गया। वहीं लोक अदालत के दौरान 12 दंपती फिर एक-दूजे के हो गए। लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों को भुलाकर पति-पत्नी ने साथ रहने पर सहमति जताई।
न्यायिक अधिकारियों ने दी सुखी जीवन की शुभकामनाएं
पुनर्मिलन के बाद दंपतियों को परिवार न्यायालय से हंसी-खुशी विदा किया गया। इस दौरान जिला जज समेत अन्य न्यायिक अधिकारियों ने नवसुलह किए दंपतियों को सदा खुश रहने, आपसी प्रेम और विश्वास के साथ वैवाहिक जीवन बिताने का आशीर्वाद दिया। अदालत से साथ-साथ बाहर निकलते दंपतियों के चेहरों पर लंबे समय बाद लौटी खुशी साफ दिखाई दी।

