मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य का औचक निरीक्षण, नेत्र विभाग कक्ष में भरा सामान देखकर प्राचार्य हुए नाराज , चर्म रोग विभाग की दूसरी ओपीडी शुरू करने के निर्देश।

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पीलीभीत। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुधवार सुबह उस समय स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में हलचल मच गई, जब प्राचार्य प्रो. डॉ. अमित कुमार ने अचानक अस्पताल परिसर का निरीक्षण शुरू कर दिया। करीब सुबह 10 बजे नई 200 बेड क्षमता वाली बिल्डिंग पहुंचे प्राचार्य ने सबसे पहले दवा वितरण कक्ष में बैठकर मरीजों को दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था परखी। इसके बाद ओपीडी, पर्चा काउंटर, विभिन्न विभागों और इमरजेंसी का निरीक्षण कर चिकित्सकों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जहां कुछ व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं, वहीं खाली कमरों और अव्यवस्था को लेकर प्राचार्य ने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

चर्म रोग विभाग की दूसरी ओपीडी शुरू करने के निर्देश

प्राचार्य पुरानी बिल्डिंग के द्वितीय तल पर पहुंचे, जहां चर्म रोग विभाग की ओपीडी संचालित हो रही थी। चर्म रोग विभाग के समीप डेंटल विभाग के दो कमरे खाली मिले। इस पर प्राचार्य ने दोनों कमरों को खाली कराकर चर्म रोग विभाग की दूसरी ओपीडी शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके और ओपीडी में भीड़ का दबाव कम किया जा सके।

नेत्र रोग विभाग में सामान मिलने पर जताई नाराजगी

इसके बाद प्राचार्य ने नेत्र रोग विभाग के कक्ष का निरीक्षण किया। कमरे में गेट के पास सामान रखा मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और सामान को तत्काल हटाकर अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विभाग में मौजूद चिकित्सकीय स्टाफ से चिकित्सकों की उपस्थिति और ड्यूटी के संबंध में जानकारी ली गई।

ड्यूटी को लेकर मांगी जानकारी, अनुपस्थिति पर दिए निर्देश

प्राचार्य ने उपस्थित कर्मचारियों से संबंधित चिकित्सकों की ड्यूटी के बारे में जानकारी ली। स्टाफ की ओर से बताया गया कि एच ओ डी नई बिल्डिंग में मरीज देख रहे हैं। प्राचार्य ने फोन के माध्यम से इसकी जानकारी की तो एचओडी मौजूद नहीं मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए अस्पताल में चिकित्सकों की उपस्थिति और ड्यूटी व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मरीजों से सीधे लिया फीडबैक, पैसे लेने की शिकायत पर की पड़ताल

निरीक्षण के दौरान प्राचार्य ने अस्पताल में भर्ती और उपचार करा रहे मरीजों से सीधे बातचीत की। उन्होंने मरीजों का हालचाल जानने के साथ ही अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। साथ ही यह भी पूछा कि इलाज, जांच या अन्य किसी सुविधा के नाम पर उनसे कोई पैसा तो नहीं लिया जा रहा है। मरीजों ने बताया कि उनसे किसी तरह का पैसा नहीं लिया गया।

पर्चा काउंटर पर अधिक से अधिक आभा आईडी बनाने के निर्देश

प्राचार्य ने पर्चा काउंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों को मरीजों की आभा आईडी अधिक से अधिक बनाए जाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया को गति मिल सके।

मकान गिरने से घायल चार लोगों का जाना हाल

बिलसंडा क्षेत्र में मकान गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों के घायल होने की सूचना मिलने पर प्राचार्य सीधे इमरजेंसी पहुंचे। उन्होंने चारों घायलों का हालचाल जाना और उनकी उपचार व्यवस्था के संबंध में चिकित्सकों से जानकारी ली। प्राचार्य ने इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकों को घायलों को बेहतर एवं तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधा पर जोर

औचक निरीक्षण के दौरान प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर रहने, अस्पताल परिसर में साफ-सफाई एवं व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने तथा मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए।


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