पीलीभीत। जनपद के सेथल पट्टी गांव निवासी सत्यपाल पुत्र कृष्ण पाल को घर में सोते समय सांप ने गर्दन पर काट लिया। घटना रविवार तड़के करीब चार बजे की बताई जा रही है। सर्पदंश के बाद सत्यपाल की नींद खुल गई और उन्होंने आसपास देखा, लेकिन काटने वाला जीव दिखाई नहीं दिया।
कुछ समय बाद सत्यपाल की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक कराने के लिए ले गए। हालत लगातार गंभीर होने पर परिजन सुबह करीब 10 बजे उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। फिलहाल सत्यपाल का मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उपचार जारी है।
इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद सर्पदंश की आशंका जताई। वहीं इमरजेंसी स्टाफ ने परिजनों को समझाया कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अन्य घरेलू उपायों में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए और मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल या ऐसे स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाना चाहिए, जहां आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।फिलहाल डॉक्टर के मुताबिक सत्यपाल की हालत गंभीर है।
सर्पदंश पर बरतें सावधानी, तुरंत पहुंचें अस्पताल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सांप के काटने के बाद समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। सर्पदंश की स्थिति में मरीज को शांत रखें, उसे अनावश्यक चलने-फिरने न दें और जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। घाव को काटने, चूसने, जलाने या झाड़-फूंक जैसे उपायों से बचना चाहिए। सही समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।

