(रिंटू वर्मा)
पीलीभीत। पीलीभीत शहर सहित पूरे जनपद में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक के बावजूद इसका अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासनिक कार्रवाई के डर से अब पतंग दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर प्रतिबंधित मांझा रखना बंद कर दिया है, लेकिन इसके बजाय आसपास के घरों में स्टॉक जमा कर चोरी-छिपे बिक्री की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पतंग दुकानदार अब सीधे दुकानों से बिक्री न कर अपने परिचितों और भरोसेमंद ग्राहकों को घरों से मांझा सप्लाई कर रहे हैं। इस अवैध धंधे के जरिए मोटी रकम वसूली जा रही है। प्रतिबंधित मांझा खुलेआम न दिखने के कारण कार्रवाई भी नहीं हो पा रही है, जिससे दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चाइनीज मांझा न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह पक्षियों, राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। इसके बावजूद जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से हालात और गंभीर होते जा रहे हैं।
त्योहारी और पतंगबाजी के मौसम में इस तरह का लापरवाह रवैया किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि केवल दुकानों ही नहीं, बल्कि संदिग्ध घरों और गोदामों पर भी छापेमारी कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के अवैध कारोबार पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।

