( रिंटू वर्मा)
पीलीभीत। आगामी दिनों में मकर संक्रांति, बसंत पंचमी, जननायक कर्पूरी ठाकुर जयंती, गणतंत्र दिवस, महाशिवरात्रि तथा अगले माह संत रविदास जयंती, शबे-बरात और होली जैसे प्रमुख पर्वों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। पीलीभीत डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने जनपद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और यदि इसे संशोधित या निरस्त नहीं किया गया तो 6 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन को आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व विभिन्न संगठनों की आड़ में जातीय, धार्मिक और सामाजिक वैमनस्य फैलाने का प्रयास कर सकते हैं, जिससे लोक शांति भंग होने की संभावना है।
हथियारों व जमावड़े पर रोक
आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति लाठी, डंडा, तलवार, बंदूक, रिवाल्वर, पिस्टल या चार इंच से अधिक फल वाले चाकू जैसे हथियार लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं चलेगा और न ही उनका प्रदर्शन करेगा। शासकीय कर्तव्यों के लिए हथियार रखने वाले राज्य कर्मियों को इससे छूट दी गई है। अंधे या कमजोर व्यक्तियों के सहारे के लिए डंडा तथा सिख समुदाय को कृपाण रखने की अनुमति होगी।
सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, यह रोक शासकीय कार्य से संबंधित कर्मचारियों या व्यक्तियों पर लागू नहीं होगी।
जुलूस, जनसभा व लाउडस्पीकर पर नियंत्रण
बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के किसी भी प्रकार के जुलूस, जनसभा या नए आयोजन की परंपरा शुरू नहीं की जा सकेगी। लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग भी पूर्व अनुमति के बिना वर्जित रहेगा। रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। चिकित्सालयों, शिक्षण संस्थानों और न्यायालयों के 100 मीटर के दायरे को शांत क्षेत्र घोषित किया गया है।
भड़काऊ सामग्री, अफवाह और हुड़दंग पर सख्ती
कोई भी व्यक्ति ऐसा लेख, पोस्टर या भाषण नहीं देगा जिससे सामाजिक विद्वेष फैले या किसी समुदाय की भावनाएं आहत हों। अफवाह फैलाने या फैलाने के लिए प्रेरित करने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। नशे की हालत में सार्वजनिक स्थानों पर घूमने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बिना अनुमति दीवारों पर पोस्टर या प्रचार सामग्री लगाने पर रोक रहेगी।
ड्रोन उड़ान पर प्रतिबंध
बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, मोटरसाइकिल या अन्य वाहनों से हुड़दंग कर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लंघन पर दंड का प्रावधान
आदेश के अंतर्गत किसी भी प्रकार की छूट के लिए जिला मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट या संबंधित परगना मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन किया जा सकता है। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा।
प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि यह कदम जनपद में शांति, सौहार्द और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

