पीलीभीत के दुर्गम इलाकों में उम्मीद की किरण बनी गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा …द्वितीय दिवस 1150 से अधिक मरीजों को मिला निःशुल्क उपचार व परामर्श

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( रिंटू वर्मा )

पीलीभीत।पीलीभीत जनपद मे एनएमओ भारत ट्रस्ट द्वारा संचालित “गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0” के अंतर्गत जनपद पीलीभीत के भारत–नेपाल सीमा से सटे दूरस्थ एवं दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में द्वितीय दिवस भी निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इस जनकल्याणकारी पहल का उद्देश्य सीमावर्ती एवं वंचित आबादी को उनके गांव के समीप सुलभ, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

दूरस्थ गांवों में लगे स्वास्थ्य शिविर

स्वास्थ्य सेवा यात्रा के अंतर्गत नारायणपुर, इटारिया, गुलड़िया खास, रुद्रपुर, भवानीगंज, राजपुर एवं लाहा सहित कई दूरस्थ ग्रामों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में सामान्य रोगों के साथ-साथ नेत्र, त्वचा, स्त्री एवं बाल रोगों की जांच की गई।

निःशुल्क जांच, दवाएं और परामर्श

शिविरों में मरीजों की बीपी एवं आरबीएस जांच की गई तथा आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाओं का वितरण और चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। इन शिविरों के माध्यम से कुल 1150 से अधिक मरीजों की जांच एवं परामर्श किया गया।

चिकित्सकीय टीम ने निभाई अहम भूमिका

चिकित्सकों, मेडिकल छात्रों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की टीमों ने आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाईं। साथ ही रोगों की रोकथाम एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा रहीं उपस्थित

स्वास्थ्य सेवा यात्रा के द्वितीय दिवस आयोजित शिविर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा स्वयं उपस्थित रहीं। उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार कार्यों की सतत निगरानी की।

वरिष्ठ चिकित्सकों का मार्गदर्शन

कार्यक्रम का संचालन जिला प्रभारी एवं एनएमओ मेरठ प्रान्त के उपाध्यक्ष डॉ. निधीश कुमार (राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ग्रेटर नोएडा) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। सह-प्रभारी डॉ. देवल अरोड़ा, एनएमओ शाहजहांपुर यूनिट अध्यक्ष डॉ. अमित सक्सेना तथा एएसएमसी बुलंदशहर से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेन्द्र का विशेष सहयोग रहा।

शिविर समन्वयक एवं चिकित्सकीय परामर्शदाता

शिविर समन्वयक के रूप में डॉ. कपिल, डॉ. देवल अरोड़ा, श्री अमरनाथ, डॉ. अर्चना सिंह एवं डॉ. निधीश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चिकित्सक एवं परामर्शदाता के रूप में डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. प्रियंका यादव, डॉ. प्राची चौहान, डॉ. शोभित सिंह, डॉ. पीयूष पचौरी एवं डॉ. कुलवंत सिंह ने सेवाएं प्रदान कीं।

एमबीबीएस छात्रों का सराहनीय योगदान

एमबीबीएस छात्र-छात्राओं रतन दीप शर्मा, विनय कुमार अत्री, प्रखर पटेल, हर्षित माथुर, प्रशांत वार्ष्णेय, मृदुल रंजन वार्ष्णेय, रतन गुप्ता, दीपक पटेल, विपिन यादव, अर्पित दीक्षित, दिव्या वर्मा, झलक वर्मा, खुशी सोनकर, दिव्या सागर, अभिलाषा पंवार, अनमता अनीस, किरण एवं कनिष्का यादव ने पंजीकरण, जांच, शिविर संचालन और जनजागरूकता में सक्रिय सहयोग दिया।

ग्रामीणों ने की पहल की सराहना

सीमावर्ती एवं दूरस्थ गांवों के ग्रामीणों ने अपने गांव में ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा जैसी पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन निरंतर जारी रहेगा।


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