एड. अंशुल गौरव सिंह/ रिंटू वर्मा
पीलीभीत। रामपुर में अधिवक्ता फारुख अहमद खां की दिनदहाड़े हुई निर्मम हत्या के विरोध में जिला संयुक्त बार एसोसिएशन, पीलीभीत के अधिवक्ताओं ने गहरा रोष व्यक्त किया है। गुरुवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने और मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की गई।
अधिवक्ता सुरक्षा कानून पर उठाए सवाल
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि वकील न्याय व्यवस्था का अभिन्न अंग होते हैं और उन्हें “ऑफिसर ऑफ द कोर्ट” का दर्जा प्राप्त है। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। पदाधिकारियों ने शासन से सवाल करते हुए कहा कि जब कई अन्य राज्यों में ‘अधिवक्ता प्रोटेक्शन अधिनियम’ लागू है, तो उत्तर प्रदेश में इसे लागू करने में देरी क्यों की जा रही है। इस देरी से अधिवक्ता वर्ग स्वयं को असुरक्षित और उपेक्षित महसूस कर रहा है।
प्रमुख मांगें
बार एसोसिएशन ने राज्यपाल से निम्नलिखित मांगों को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया है—
- आर्थिक सहायता: मृतक अधिवक्ता फारुख अहमद खां के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक क्षतिपूर्ति दी जाए।
- सरकारी नौकरी: परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित किया जाए।
- कठोर कार्रवाई: हत्यारोपियों के विरुद्ध अविलंब कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- सुरक्षा अधिनियम: प्रदेश में शीघ्र ‘अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट’ लागू किया जाए।
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इनकी रही उपस्थिति
ज्ञापन सौंपने के दौरान तीनों बार एसोसिएशनों के अध्यक्ष आलोक नगाइच, सरोज वाजपेयी, राजीव अवस्थी, महासचिव विद्याराम वर्मा, मोहन स्वरूप, विजय कुमार सिंह, विमल कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन पर विचार किया जाएगा।

