पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान मोबाइल फोन ले जाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब देश-विदेश से आने वाले सैलानी सफारी के समय न तो मोबाइल फोन साथ ले जा सकेंगे और न ही उसका उपयोग कर सकेंगे। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में लागू किया गया है।
पीटीआर प्रशासन के अनुसार, रिजर्व में आने वाले पर्यटकों को जंगल सफारी के प्रवेश द्वार पर ही अपने मोबाइल फोन जमा कराने पड़ सकते हैं, जैसा कि कई अन्य टाइगर रिजर्व में पहले से व्यवस्था लागू है। यदि कोई पर्यटक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी या चेतावनी देकर दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
वन्यजीव संरक्षण के उद्देश्य से उठाया गया कदम
वन्यजीव संरक्षण और जंगल के प्राकृतिक वातावरण की शांति बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। जंगल में मोबाइल फोन का उपयोग कई तरह से वन्यजीवों और पर्यटकों दोनों के लिए समस्याएं पैदा कर सकता है।
- मोबाइल की रिंगटोन या नोटिफिकेशन की आवाज से वन्यजीवों की स्वाभाविक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
- फोटो और वीडियो बनाने के उत्साह में पर्यटक अक्सर गाड़ियों से खड़े होकर या आगे झुककर जोखिम उठाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ती है।
- किसी विशेष स्थान पर बाघ या अन्य वन्यजीव दिखने की सूचना साझा होने पर एक ही जगह कई वाहन एकत्र हो जाते हैं, जिससे जानवरों में तनाव बढ़ता है।
- सोशल मीडिया पर लोकेशन साझा होने से अवैध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की आशंका रहती है।
“वन एवं वन्य जीव संरक्षण की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहे हैं।पीटीआर मे वन्य जीवन प्रभावित न हो इसको लेकर उच्च अधिकारियों के निर्देश पर टूरिज्म क्षेत्र में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है, इस संबंध में अधीनस्थों को निर्देशित किया गया है” – मनीष सिंह डिप्टी डायरेक्टर पीलीभीत टाइगर रिजर्व

