रिंटू वर्मा..
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उप प्राचार्य डॉ. अरुण सिंह ने शुक्रवार को महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, एसएनसीयू, इमरजेंसी, वैक्सीनेशन कक्ष, कुपोषण वार्ड तथा मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित कैंटीन का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों, उनके तीमारदारों, चिकित्सकों एवं स्टाफ से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानी।
महिला एवं पुरुष वार्ड में व्यवस्थाओं की समीक्षा
उप प्राचार्य सबसे पहले महिला एवं पुरुष वार्ड में पहुंचे। यहां उन्होंने भर्ती मरीजों से सीधे संवाद स्थापित किया और उनके स्वास्थ्य की स्थिति, उपचार की गुणवत्ता तथा दवाइयों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली।
मरीजों ने बताया कि उन्हें समय पर चिकित्सकीय परामर्श मिल रहा है, दवाइयां नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा डॉक्टर राउंड पर आकर जांच-परीक्षण कर आवश्यक उपचार दे रहे हैं। तीमारदारों ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
डॉ. अरुण सिंह ने वार्ड की साफ-सफाई, बेड की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और संबंधित कर्मचारियों को स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।
एसएनसीयू में नवजातों की देखभाल
निरीक्षण के दौरान उप प्राचार्य विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) पहुंचे, जहां 8 नवजात शिशु भर्ती पाए गए। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों से बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति और उपचार प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
स्टाफ ने बताया कि सभी नवजातों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा, पोषण एवं निगरानी प्रदान की जा रही है। उप प्राचार्य ने निर्देश दिए कि नवजातों की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और अभिभावकों को नियमित रूप से स्वास्थ्य अपडेट दिया जाए।
इमरजेंसी वार्ड का जायजा
इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण के समय वहां दुर्घटना एवं सामान्य बीमारी के कुल 8 मरीज भर्ती थे। उपस्थित डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि सभी मरीजों का समय पर उपचार किया जा रहा है।
उप प्राचार्य ने दवाइयों की उपलब्धता, ऑक्सीजन, मॉनिटरिंग उपकरणों और आपातकालीन सेवाओं की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्टाफ को निर्देशित किया कि इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे तत्परता के साथ संचालित रहें।
वैक्सीनेशन वार्ड में प्रक्रिया की जानकारी
डॉ. अरुण कुमार ने वैक्सीनेशन वार्ड में जाकर टीकाकरण से संबंधित संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। विशेष रूप से कुत्ता, बंदर अथवा अन्य जानवर के काटने की स्थिति में लगाई जाने वाली एंटी-रेबीज वैक्सीन की संख्या, अंतराल एवं प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने सुनिश्चित किया कि टीकाकरण रजिस्टर अद्यतन रहे और प्रत्येक मरीज को निर्धारित समय पर वैक्सीन उपलब्ध कराई जाए।
कुपोषण वार्ड में बच्चों से मुलाकात
निरीक्षण के दौरान उप प्राचार्य कुपोषण वार्ड भी पहुंचे यहाँ उनके साथ डॉ पायसराजवर्मा भी उपस्थित रहे। यहां भर्ती बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर बच्चों की स्थिति जानी। वार्ड में स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
कुपोषित बच्चों को स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रसोई व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए संतुलित आहार पर विशेष ध्यान दिया जाए।


निरीक्षण के अंतिम चरण में उप प्राचार्य ने मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थापित कैंटीन का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां बनने वाले भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और मेन्यू की जानकारी ली।
मरीजों को सोमवार से शनिवार तक विविध प्रकार का भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
- सुबह: फल, दूध एवं चाय
- दोपहर: रोटी, चावल, दाल और सब्जी
- रात्रि: रोटी, दाल, चावल एवं सब्जी
उन्होंने रसोईघर की स्वच्छता व्यवस्था की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि भोजन की गुणवत्ता एवं पोषण स्तर में किसी प्रकार की कमी न आने पाए।
संवेदनशील और जवाबदेह स्वास्थ्य सेवा पर जोर
निरीक्षण के समापन पर डॉ. अरुण सिंह ने सभी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं कर्मचारियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल की प्राथमिकता मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और मानवीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
इस विस्तृत निरीक्षण से स्पष्ट है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर सजग है तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

