रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को निजी एवं कॉन्वेंट स्कूलों में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया के तहत बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय में लॉटरी निकाली गई। इस दौरान अधिकारियों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी की गई।
लॉटरी प्रक्रिया में अधिकारियों की मौजूदगी
लॉटरी प्रक्रिया मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। इसके अलावा जिला समन्वयक राकेश पटेल और पवन अग्रवाल भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पात्र बच्चों का चयन किया, जिससे पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रही।
3202 आवेदन में से 1001 बच्चों का हुआ चयन
शैक्षिक सत्र 2026–27 में प्रवेश के लिए जिले भर से अभिभावकों द्वारा कुल 3202 आवेदन किए गए थे। इनमें से जांच के बाद 1810 आवेदन सही पाए गए, जिन्हें लॉटरी प्रक्रिया में शामिल किया गया।
लॉटरी के माध्यम से 1001 बच्चों को कॉन्वेंट स्कूलों में प्रवेश के लिए चयनित किया गया, जबकि अन्य आवेदनों को नियमों के अनुरूप निरस्त कर दिया गया। कई आवेदन इसलिए निरस्त हुए क्योंकि अभिभावकों ने अपने वार्ड या ग्राम पंचायत के अलावा अन्य क्षेत्र के स्कूलों के लिए आवेदन कर दिया था।
तीन चरणों में हो रही है आवेदन प्रक्रिया
लखनऊ स्थित राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देशानुसार आरटीई के तहत आवेदन प्रक्रिया तीन चरणों में निर्धारित की गई है—
- प्रथम चरण: 2 फरवरी 2026 से 16 फरवरी 2026
- द्वितीय चरण: 21 फरवरी 2026 से 7 मार्च 2026
- तृतीय चरण: 12 मार्च 2026 से 25 मार्च 2026
बुधवार को प्रथम चरण में प्राप्त आवेदनों की लॉटरी निकाली गई।
अगले चरणों की लॉटरी रोस्टर के अनुसार होगी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने बताया कि आगामी चरणों में प्राप्त आवेदनों की लॉटरी निर्धारित रोस्टर के अनुसार निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि जो बच्चे पात्र पाए गए हैं, उन्हें शैक्षिक सत्र 2026–27 में संबंधित कॉन्वेंट स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा।

