रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। गर्मी के मौसम में वन क्षेत्रों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। वर्ष 2026 के अग्निकाल के दौरान वन अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम, निगरानी और त्वरित नियंत्रण के उद्देश्य से प्रभागीय वनाधिकारी, पीलीभीत टाइगर रिजर्व द्वारा प्रभागीय कार्यालय में अग्नि नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 05882-253092 जारी किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति वन क्षेत्र में आग लगने की सूचना दे सकता है।
आमिर वेग को बनाया गया कंट्रोल रूम प्रभारी
अग्नि नियंत्रण कक्ष के संचालन की जिम्मेदारी कनिष्ठ सहायक आमिर वेग (मो. 8410045574) को सौंपी गई है। उन्हें कंट्रोल रूम प्रभारी नामित किया गया है। उनकी जिम्मेदारी होगी कि प्रतिदिन प्राप्त होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं की सूचनाओं का परीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं तथा आवश्यक अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही सभी घटनाओं का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से संधारित किया जाएगा।
तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की 24 घंटे तैनाती
वन विभाग द्वारा अग्नि नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने के लिए कर्मचारियों की तीन शिफ्ट में तैनाती की गई है। यह तैनाती 15 फरवरी 2026 से 15 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।
- राम पाल, टीसी (मो. 7409254605) को प्रतिदिन प्रातः 04:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तैनात किया गया है।
- शेर सिंह, चौकीदार (मो. 7830061580) को दोपहर 12:00 बजे से रात्रि 08:00 बजे तक की जिम्मेदारी दी गई है।
- राम दुलारे, चौकीदार (मो. 9627522598) को रात्रि 08:00 बजे से प्रातः 04:00 बजे तक ड्यूटी सौंपी गई है।
तैनात कर्मचारी अपनी ड्यूटी के दौरान आग से संबंधित प्रत्येक सूचना को पंजिका में दर्ज करेंगे और उस पर की गई कार्रवाई का पूरा विवरण भी रिकॉर्ड करेंगे।
वायरलेस सिस्टम से भी होगी लगातार मॉनिटरिंग
अग्नि नियंत्रण कक्ष में प्रभागीय वायरलेस कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से कर्मचारी वन क्षेत्र की सभी रेंजों में स्थापित वायरलेस स्टेशनों से प्रतिदिन संपर्क बनाए रखेंगे और आग की स्थिति से संबंधित सूचनाएं प्राप्त करेंगे। इससे किसी भी घटना की जानकारी तत्काल मिल सकेगी और समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
195 फायर लाइन बनाकर आग रोकने की तैयारी
वन विभाग ने जंगल में आग की घटनाओं को रोकने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की है। इसके तहत 195 फायर लाइन बनाई जा रही हैं, जिनका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। फायर लाइन जंगल के अंदर ऐसी पट्टियां होती हैं, जहां सूखी घास और ज्वलनशील सामग्री हटा दी जाती है, जिससे आग आगे नहीं फैल पाती।
इसके अलावा वन अधिकारियों, वन दरोगाओं और वन कर्मियों की जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। सभी कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित गश्त करने और आग लगने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
वन्यजीव और वन संपदा की सुरक्षा पर विशेष जोर
वन विभाग का मुख्य उद्देश्य जंगल, वन्यजीवों और वन संपदा को आग से सुरक्षित रखना है। इसके लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की गई है और कंट्रोल रूम के माध्यम से 24 घंटे नजर रखी जा रही है। समय पर सूचना मिलने और त्वरित कार्रवाई से आग की घटनाओं को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा।
अग्निकाल के दौरान वन अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम, निगरानी और त्वरित नियंत्रण के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है 195 फायर लाइन बनाने का कार्य चल रहा है।वन विभाग का मुख्य उद्देश्य जंगल, वन्यजीवों और वन संपदा को आग से सुरक्षित रखना है।भरत कुमार डी.के. प्रभागीय वनाधिकारी पीलीभीत टाइगर रिजर्व पीलीभीत

